- भनवापुर के सीएचसी सिरसिया में पीएसएमए के तहत आयोजित शिविर में 134 गर्भवतियों की हुई जांच
भनवापुर। क्षेत्र के सीएचसी सिरसिया में सोमवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवतियों के लिए स्वास्थ्य शिविर का आयोजन हुआ। इसमें 134 गर्भवतियों को चिकित्सीय इलाज व परामर्श दिया गया। 20 में उच्च जोखिम के लक्षण पाए गए, आठ गर्भवतियों में खून की कमी पाए जाने के कारण आयरन सुक्रोज की डोज दी गई। 67 गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी की सुविधा दी गई। अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्त चाप, मधुमेह, फीटस के बेड़े होने, गंभीर एनिमिया, प्लेसेंटा का विकृत और नीचे होने से गर्भवतियों में जान का खतरा बना रहता है। गर्भावस्था के दौरान सोनोग्राफी और चिकित्सीय परामर्श व इलाज बहुत जरूरी है। गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में उच्च जोखिम वाले खतरे के लक्षण की पहचान जरूरी है, जिससे समय से चिकित्सीय प्रबंधन से जच्चा व बच्चा दोनों को सुरक्षित किया जा सकता है। इस दौरान डॉ. सिद्धार्थ जयसवाल, डॉ. अनवारुद्दीन, विनय कुमार भारती, अजय पांडेय, ज्योति, प्रेम कुमार त्रिपाठी, रुपम पाठक, सविता मौर्या आदि मौजूद रहे।