बिस्कोहर। नगर के भगत सिंह नगर मोहल्ला फूलपुर राजा में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा दूसरे दिन जारी रही। शनिवार की रात कथा व्यास आचार्य रामजस ने कहा कि मनुष्य को सत्य का प्रतिपादन करना चाहिए और सत्य के मार्ग पर ही चलना चाहिए।
भागवत के आदि, मध्य और अंत में महर्षि वेद व्यास ने सत्य की वंदना करके जीव को संकेत किया कि जीवन में सत्य को अपनाना चाहिए। कथा व्यास ने श्रोताओं को शुकदेव के जन्म की कथा के साथ ही परीक्षित के जन्म की भी कथा श्रवण कराई। उन्होंने बताया कि जब राजा परीक्षित को सात दिन में तक्षक सर्प डसने का श्राप लगा तो वह बड़ी प्रसन्नता के साथ अपने बड़े पुत्र जनमेजय को राजगद्दी सौंप कर जंगल में चले गए और वह वहीं पर अपनी मुक्ति का मार्ग खोजने लगे। राजा परीक्षित का शासन बहुत ही सुंदर था।
जब महापुरुषों, ऋषियों, महात्माओं को पता चला की राजा परीक्षित को सात दिन में तक्षक डस लेगा तो वहां वशिष्ठ, परासर और व्यास आदि महापुरुष पहुंचे और सबने उनकी मुक्ति का प्रयास किया।