सिद्धार्थनगर। महर्षि वाल्मीकि रामायण के रचयिता के रूप में प्रसिद्ध है। उनकी विद्वता और तपस्या के कारण महर्षि की उपाधि मिली थी। उन्होंने रामायण जैसे महत्वपूर्ण महाकाव्य की रचना की और उन्हें संस्कृत के पहले कवि के रूप में भी जाना जाता है। यह बातें सपा जिलाध्यक्ष लालजी यादव ने मंगलवार को सपा कार्यालय पर महर्षि वाल्मीकि के जयंती के अवसर पर आयोजित गोष्ठी में कही।
उन्होंने कहा कि रामायण के रचना के जरिये भगवान राम के आदर्शों पर चलने की सभी को सीख दिया था। कैसे मर्यादा में रहा जाता है। और कैसे सभी धर्मों का आदर किया जाता है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी समाज के सभी धर्म के लोगों को एक साथ लेकर चल रहे हैं। कार्यक्रम को पूर्व विधायक विजय पासवान, सपा महादलित संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप पथरकट, राम सेवक लोधी, जुबैदा चौधरी, राम मिलन भारती, विजय चौधरी, चंद्रहास यादव आदि ने भी संबोधित किया।