सिद्धार्थनगर। जिले में किसानों को उचित दर पर खाद का वितरण सुनिश्चित कराए जाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में उर्वरक की दुकानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान बांसी तहसील क्षेत्र के बाजारडीह में स्थित थोक उर्वरक विक्रेता सुलेमान एजेंसी और एक फुटकर खाद विक्रेता चौरसिया कृषि विकास केंद्र मिठवल का लाइसेंस अनियमितता मिलने पर निलंबित कर दिया गया। यह जानकारी जिला कृषि अधिकारी मुहम्मद मुजम्मिल ने दी है।
उन्होंने बताया कि उपजिलाधिकारी बांसी निखिल चक्रवर्ती ने सोमवार को क्षेत्र के बाजारडीह में स्थित थोक उर्वरक विक्रेता सुलेमान एजेंसी प्रो. अतहर अली की दुकान पर छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान गोदाम में 87 बोरी यूरिया, 74 बोर एनपीके चंबल फर्टिलाइजर, एनपीके 265 बोरी एनएफएल, एसएसपी 1695 बोरी उपलब्ध पाया गया। संदिग्धता के आधार पर एनपीके का दो नमूना संग्रहीत किया गया। गोदाम में अनियमितता पाए जाने के कारण उक्त प्रतिष्ठान का उर्वरक निबंधन प्राधिकार पत्र तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इसके अतिरिक्त जनपद के सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं के उर्वरक प्रतिष्ठानों पर का औचक निरीक्षण उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, सभी ब्लाकों के खंड विकास अधिकारी, सभी ब्लाॅकों के सहायक विकास अधिकारी (कृषि) एवं सहकारी विकास अधिकारी (सहकारी) द्वारा किया गया।
फुटकर उर्वरक विक्रेता चौरसिया कृषि विकास केंद्र मिठवल का उर्वरक निबंधन प्राधिकार पत्र तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि वह निर्धारित मूल्य पर बिना किसी उत्पाद के किसानों को उर्वरक विक्रय करें। कृषकों को पीओएस मशीन से अंगूठा लगवाएं और आधार व खतौनी का अंकन अपने वितरण रजिस्टर में अवश्य करें। खतौनी में अंकित रकबे के अनुसार ही उर्वरक कृषकों को उपलब्ध कराएं। रकबे से ज्यादा उर्वरक किसी भी कृषक को न दें। निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित उर्वरक विक्रेताओं के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण के तहत कार्रवाई की जाएगी।