नेपाल में आयोजित बैठक में उपस्थित सांसद। स्रोत सोशल मीडिया
कपिलवस्तु। भोटेकोशी और रसुवा में आई बाढ़ के बाद लापता लोगों की तलाश और बरामद शवों की पहचान का मुद्दा अब नेपाल की प्रतिनिधि सभा तक पहुंच गया है। सांसदों ने सरकार से लापता लोगों की तलाश तेज करने, बरामद लेकिन अज्ञात शवों की डीएनए जांच कराने और लाश नहीं मिलने की स्थिति में पीड़ित परिवारों को डेथ रजिस्ट्रेशन, बीमा, बैंकिंग और मुआवजे से जुड़े कानूनी अधिकार दिलाने की मांग की है।
सांसदों का कहना है कि बाढ़ में परिजनों को खो चुके परिवार एक तरफ अपनों के लौटने की उम्मीद और दूसरी तरफ जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं के अटकने की परेशानी झेल रहे हैं।
प्रतिनिधि सभा की विशेष बैठक में नेशनल इंडिपेंडेंट पार्टी के सांसद ठाकुर सिंह थारू ने कहा कि रसुवा बाढ़ में कई परिवारों ने परंपरा के अनुसार लापता परिजन का अंतिम संस्कार कर दिया लेकिन शव बरामद नहीं होने के कारण उसे कानूनी मान्यता नहीं मिल सकी। इससे मौत का पंजीकरण भी नहीं हो पाया।