नेपाल के गोरखा में बूढ़ी गंडकी नदी का अचानक बदला रौद्र रूप, तटीय इलाकों में मची अफरा-तफरी
खतरे के बीच जगत गांव से छह लोगों को हेलिकॉप्टर से निकाला, सेना ने संभाला मोर्चा
खुनुवां (सिद्धार्थनगर)। नेपाल के गोरखा जिले में रविवार सुबह बूढ़ी गंडकी नदी ने अचानक रौद्र रूप धारण कर लिया। भूस्खलन के कारण नदी का बहाव अवरुद्ध होने के बाद जैसे ही पानी का रास्ता खुला, गाद और मलबे के साथ बाढ़ का पानी तेजी से तटीय इलाकों की ओर बढ़ा। अचानक आए तेज बहाव से नदी किनारे के क्षेत्रों में अफरा-तफरी मच गई। भूस्खलन और बाढ़ के खतरे को देखते हुए नेपाली सेना ने जगत गांव से छह लोगों को हेलिकॉप्टर से सुरक्षित निकालकर दूसरे स्थान पर पहुंचाया।
नेपाली सेना के जनसंपर्क एवं सूचना निदेशालय के अनुसार, रविवार सुबह करीब 4:30 बजे गोरखा जिले की चुमनुब्री गांवपालिका-3 स्थित फिलिम में भूस्खलन के कारण बूढ़ी गंडकी नदी का बहाव अवरुद्ध हो गया था। अवरोध हटने के बाद नदी में अचानक तेज बहाव आया। पानी के साथ गाद और मलबा बहने से नदी के तटीय इलाकों में नुकसान हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव की गतिविधियां तेज कर दी गईं।
खतरे के बीच हेलिकॉप्टर से निकाले गए छह लोग
बाढ़ और भूस्खलन की आशंका के बीच नेपाली सेना ने जगत गांव में फंसे छह लोगों को हेलिकॉप्टर से सुरक्षित निकाला। सेना की टीमें हवाई और स्थल मार्ग से प्रभावित क्षेत्र में पहुंची। बचाव दल ने मौके का निरीक्षण कर नदी के बहाव में संभावित अवरोधों और जोखिम वाले इलाकों का आकलन किया। सेना की कंपोजिट क्विक रिस्पांस टीम को काठमांडू से हवाई मार्ग के जरिये प्रभावित क्षेत्र में तैनात किया गया है।
तटीय इलाकों में सतर्कता, बचाव अभियान जारी
सेना की टीमें नदी के तटीय और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर रही हैं। लोगों से संभावित खतरे को देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। प्रभावित क्षेत्र में हालात का आकलन करने के साथ जरूरत के अनुसार खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।