सिद्धार्थनगर। हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार शुभ और मांगलिक कार्यों पर रविवार देर रात से विराम लग जाएगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 11 दिसंबर से शुक्र अस्त हो गया है। इससे पहले के तीन दिन भी मांगलिक कार्यों के लिए शुभ नहीं माने जाते। ऐसे में विवाह जैसे शुभ कार्यों के लिए अगले साल चार फरवरी तक इंतजार करना पड़ेगा।
शास्त्रों के मुताबिक किसी भी शुभ कार्य के लिए शुक्र ग्रह के अस्त होने से पहले के तीन दिन और उदय होने के तीन दिन बाद का समय शुभ नहीं माना जाता है। इस बार यह अवधि लंबी हो रही है। शुक्र अस्त के ठीक बाद 14 दिसंबर की देर रात से खरमास भी शुरू हो जाएगा। इससे करीब 53 दिनों तक शुभ कार्यों पर पूरी तरह से विराम लग जाएगी। खरमास की समाप्ति मकर संक्रांति के दिन 14 जनवरी को होगी। शुक्र ग्रह का उदय 31 जनवरी को होगा। हालांकि उदय होने के तीन दिन बाद तक का समय भी मांगलिक कार्य के लिए शुभ नहीं होता है। गणनाओं के कारण, मांगलिक कार्य अब सीधे चार फरवरी से ही शुरू होंगे। इस तिथि से विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश आदि सभी शुभ कार्यों के लिए समय अनुकूल माना गया है।
आचार्य अच्युत रामानुजाचार्य ने बताया कि शुक्र ग्रह के अस्त तथा उदय से तीन दिन पहले तथा तीन दिन बाद तक का समय किसी भी मांगलिक कार्य के लिए शुभ नहीं होता। शुक्र ग्रह का उदय 31 जनवरी को होगा और चार फरवरी से ही शुभकार्य के लिए समय शुभ माना जाएगा।