-हजरत अली की जयंती पर हल्लौर में आयोजित हुई महफिल, शायरों ने पेश किया कलाम कसीदा
भवानीगंज। हजरत इमाम हुसैन के बेटे हजरत अली अकबर की जयंती रविवार की रात तहसील क्षेत्र के हल्लौर कस्बे में धूमधाम के साथ मनाई गई। जामा मस्जिद और इमामबाड़ा हुसैनिया बाबुल में महफिले जश्ने अली अकबर का आयोजन किया गया, जिसमें शायरों ने अली अकबर की शान में कलाम और कशीदे पेश किए। मौलाना और जाकिर ने अली अकबर की जिंदगी और किरदार पर विस्तार से रोशनी डाली। इस दौरान इमामबाड़ा हुसैनिया बाबुल की विधिवत रूप से सजावट की गई थी, हर तरफ जश्न का माहौल रहा।
महफिले जश्ने अली अकबर के कार्यक्रम का आगाज शकील अहमद गुड्डू ने कलाम पाक की तिलावत करके किया। इसके बाद खुलुस हल्लौरी ने नात पेश की। शमशाद हल्लौरी, हानी हल्लौरी, हसन जमाल, अफसर, अजीम सज्जादी, आले रजा, अजजा, जलाल हल्लौरी, फैजान, हैदर, हैदरे कर्रार, जिगर, फलक, शबीह, अली मेहंदी आदि ने अली अकबर की शान में कलाम-कसीदे पेश किया। मौलाना शारिब और जाकिर जमाल हैदर कर्बलाई ने कहा कि इमाम हुसैन के बेटे अली अकबर अली की सीरत और नबी की हमशक्ल थे। वह बहादुर और जांबाज होने के साथ-साथ बहुत ही खूबसूरत थे। उन्होंने लोगों से अली अकबर की जिंदगी और किरदार से सबक लेकर हक, सच्चाई और इंसाफ के रास्ते पर चलने का आह्वान किया। इस दौरान अकबर मेहंदी, काजिम कर्बलाई, शमशाद, फजले अली, आबिद, खुशनूद, शबाब, शादाब हुसैन, आरजू, कसीम आदि लोग मौजूद रहे।