सिद्धार्थनगर। जिले में यूरिया के किल्लत के मद्देनजर खाद के निजी दुकानदारों पर शिकंजा कसा जा रहा है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन के निर्देश पर शुक्रवार को जनपद के सहकारी और निजी उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर टीम ने जांच की। अनियमितता पाए जाने पर चार फुटकर और एक थोक विक्रेता समेत पांच खाद दुकानदारों का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।
उप कृषि निदेशक व जिला कृषि अधिकारी, सभी ब्लाॅकों के बीडीओ, एडीओ (कृषि) एवं एडीएम (सहकारिता) द्वारा निजी खाद दुकानों एवं सहकारी समितियों निरीक्षण किया गया।
इस दौरान अनियमितता पाये जाने पर फुटकर उर्वरक विक्रेता सारस्वत खाद भंडार पचपेड़वा, सोहन कुमार हसवापार, चतुर्वेदी खाद भंडार मरवटिया, जवाहर लाल मोतीगंज, केजीएन चौराहा एवं थोक उर्वरक विक्रेता मेसर्स रामचंदर गुप्ता प्रो. दिनेश गुप्ता बर्डपुर के उर्वरक प्राधिकार पत्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
जिला कृषि अधिकारी मो. मुजम्मिल ने कहा कि उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि वह निर्धारित मूल्य पर बिना किसी कम प्रचलित उत्पाद सामग्री के कृषकों में उर्वरक नियमानुसार विक्रय करें तथा कृषकों को पीओएस मशीन से अंगूठा लगवाएं और आधार व खतौनी का अंकन अपने वितरण रजिस्टर में अवश्य करें।
खतौनी में अंकित रकबे के अनुसार ही उर्वरक कृषकों को उपलब्ध कराएं, रकबे से ज्यादा उर्वरक किसी भी कृषक को न दें। उपरोक्त निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित उर्वरक विक्रेताओं के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।