- पठन संस्कृत उत्सव के तहत अभ्यर्थी और छात्र-छात्रा को किताबों से जोड़ने की होगी पहल
- पुस्तकालय में प्रतिदिन अभ्यर्थियों को इसके तहत किया जाएगा जागरूक
सिद्धार्थनगर। मोबाइल, टैबलेट और सोशल मीडिया की बढ़ती लत के बीच युवाओं को फिर से किताबों से जोड़ने के उद्देश्य से जिले में स्क्रीन से किताब की ओर अभियान की शुरुआत की जा रही है। इस अभियान का मकसद छात्रों को डिजिटल दुनिया की सीमाओं से बाहर निकालकर अध्ययन, चिंतन और रचनात्मकता की ओर प्रेरित करना है।
राजकीय पुस्तकालय के द्वारा पठन संस्कृत उत्सव के तहत पुस्तकालयों में नियमित रूप से पढ़ने वाले अभ्यर्थियों और किताबों से दूर हो चुके छात्र-छात्राओं को भी जागरूक किया जाएगा। वर्तमान समय में अत्यधिक स्क्रीन समय छात्रों की एकाग्रता, स्मरण शक्ति और पढ़ने की आदत पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। ऐसे में अभ्यर्थियों को एक बार किताब से जोड़ने के लिए व उनके स्मरण शक्ति को बढ़ाने के लिए इसका आयोजन किया जाएगा। इस छात्रों को पूरी तरह से जोड़ने के लिए पुस्तकालय स्तर पर एक विशेष टीम का गठन किया जाएगा।
यह टीम विद्यालयों, महाविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर जाकर छात्रों से संवाद भी करेगी। पुस्तकालयों में पठन-सत्र, पुस्तक समीक्षा, मार्गदर्शन कार्यक्रम और संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे। साथ ही विद्यार्थियों को यह भी बताया जाएगा कि कैसे सीमित और संतुलित डिजिटल उपयोग के साथ अध्ययन को प्राथमिकता दी जा सकती है। पुस्तकालय इंचार्ज डॉ. भारद्वाज शुक्ल ने कहा कि आज का युवा तेजी से डिजिटल माध्यमों की ओर आकर्षित हो रहा है, लेकिन पुस्तकों से मिलने वाला गहन ज्ञान और विचारों की स्पष्टता किसी भी स्क्रीन से संभव नहीं है। इसी सोच के साथ यह अभियान चलाया जाएगा। इससे पढ़ने की संस्कृति को फिर से मजबूत किया जा सके।