सिद्धार्थनगर। बदलती जीवनशैली और अव्यवस्थित खानपान के चलते पेट में गैस की समस्या अब आम होती जा रही है। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के अनुसार 40 वर्ष से अधिक आयु के हर चौथे व्यक्ति को गैस या पेट में भारीपन की शिकायत है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में इस तरह के आठ से 10 मरीज रोज आ रहे हैं, जिनमें गैस की समस्या मिल रही है।
आधुनिक समय में लोग शारीरिक श्रम के अभाव और गलत भोजन आदतों के कारण पाचन संबंधी रोगों का शिकार हो रहे हैं। गैस की समस्या कोई साधारण परेशानी नहीं है। लंबे समय तक इसे नजर अंदाज करने से यह अन्य कई बीमारियों का कारण बन सकती है। मेडिसिन विभाग के डॉ. जितेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि आजकल अधिकांश लोग सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं। दिन में तला-भुना या बाजार का खाना खाते हैं और देर रात को भोजन करते हैं। ऐसे में पाचनतंत्र पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे गैस, एसिडिटी, कब्ज और पेट दर्द की समस्या उत्पन्न होती है।
गैस की समस्या से दस प्रकार के अन्य रोग भी जन्म ले सकते हैं, जिनमें सिरदर्द, चक्कर आना, सीने में जलन, मुंह से बदबू आना, जोड़ों में दर्द, नींद की कमी, थकान, घबराहट, उल्टी की भावना और भूख में कमी प्रमुख हैं। कई बार यह समस्या इतनी बढ़ जाती है कि व्यक्ति को लगता है कि हृदय या फेफड़ों में कोई दिक्कत है जबकि असल में यह गैस की समस्या होती है।