सिद्धार्थनगर। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मंगलवार देर रात तक मां दुर्गा की मूर्तियों का विसर्जन किया गया। बुधवार को भी कई घाटों पर विसर्जन का सिलसिला जारी रहा। श्रद्धालु गाजे-बाजे के साथ नाचते-गाते और जयकारे लगाते हुए घाटों पर पहुंचे। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई दी गई। इस दौरान घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
पथरा प्रतिनिधि के अनुसार, थाना क्षेत्र में राप्ती नदी के बघनी घाट, तिघरा घाट और पेंदा घाट पर मंगलवार देर रात 55 मूर्तियों का विसर्जन किया गया। वहीं, बुधवार को पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 13 मूर्तियों का विसर्जन हुआ। विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु मां दुर्गा की मूर्तियां लेकर घाटों पर पहुंचे। यहां पूजा-अर्चना के बाद जयकारों के बीच मूर्तियों का विसर्जन किया गया।
जोगिया प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र में स्थापित मां दुर्गा की मूर्तियों का मंगलवार को बूढ़ी राप्ती नदी के ककरही घाट पर विसर्जन किया गया। यहां मधुकरपुर, सनई, जोगिया, ककरही, देवरा बाजार, सिसवा बुजुर्ग, कटहना और करौंदा मसिना समेत कई गांवों की मूर्तियां विसर्जित की गईं। सुरक्षा के मद्देनजर घाट पर जगह-जगह पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी के साथ नावों पर गोताखोर भी तैनात किए गए थे। मौके पर सीओ बांसी, थानाध्यक्ष अरुण कुमार समेत पुलिस बल मौजूद रहा।
भारतभारी प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र के रीवा, भारतभारी, मोतीगंज, बढ़नी कोल्ड स्टोरेज, देवरिया और लोहरौली में दुर्गा पूजा समितियों की ओर से स्थापित मूर्तियों का विसर्जन किया गया। शोभायात्रा के बाद डुमरियागंज में राप्ती नदी और भारतभारी के अमौना पांडेय स्थित आमी नदी के तट पर देर रात तक विसर्जन चलता रहा। श्रद्धालु नाचते-गाते और मां दुर्गा के जयकारे लगाते हुए घाटों पर पहुंचे।
शोभायात्रा के दौरान डुमरियागंज सीओ बृजेश कुमार वर्मा, थानाध्यक्ष श्रीप्रकाश यादव, नगर पंचायत अध्यक्ष चंद्र प्रकाश वर्मा, आकाश पांडेय, रविंद्र शर्मा और उदय शंकर श्रीवास्तव समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
शहर के उसका मार्ग पर प्रतिमा विसर्जन के लिए निकाली गई शोभा यात्रा। संवाद
शहर के उसका मार्ग पर प्रतिमा विसर्जन के लिए निकाली गई शोभा यात्रा। संवाद