मेडिकल कॉलेज के ओपीडी मे मरीज के स्वास्थ्य की जानकारी लेते डॉ. गौरव दुबे।
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सिद्धार्थनगर। बदलती दिनचर्या में बढ़ रहे तनाव से अब युवाओं में भी ह्रदय रोग की समस्या शुरू हो गई है। मेडिसिन वार्ड में आने वाले मरीजों में इस तरह की समस्या देखने को मिल रही हैं। इसमें लोगों के शरीर में बढ़ती कोलेस्ट्रॉल से समस्या सबसे अधिक हो रही है। मेडिकल कॉलेज में भी प्रतिदिन पांच से छह मरीज ह्रदय रोग के भी आ रहे हैं।
डॉक्टरों का कहना है फास्ट और पैक्ड फूड का सेवन, नशे की लत के चलते युवा तनाव का मैनेजमेंट नहीं कर पाने ने हार्ट अटैक की चपेट में आ रहे हैं। ऊपर से सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने की वजह से आउटडोर गतिविधियां कम होने से कोलेस्ट्रॉल की मात्रा भी शरीर में बढ़ रही है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी कॉलेज के मेडिसिन रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव दुबे का कहना है कि आगे बढ़ने की होड़ में युवाओं में तनाव का स्तर काफी बढ़ गया है। इसे कम करने के प्रयास में वे नशे के आदी हो रहे हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर सक्रियता की वजह से युवा आउटडोर गतिविधि में शिथिल हो रहे हैं।
युवा दाल-सब्जी और फल खाने के बजाय फास्ट फूड व पैक्ड फूड का सेवन ज्यादा कर रहे हैं, जिसकी वजह से युवाओं के खून में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा सामान्य से अधिक हो जा रही है जो हार्ट अटैक का कारण है। फास्ट फूड के सेवन और नशे की लत से कोलेस्ट्रॉल की मात्रा ज्यादा बढ़ती है, इसलिए इससे बचना चाहिए।स