गर्भवतियों और बच्चों को परेशानी, 250 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सेवाएं प्रभावित
सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) की हड़ताल से जिले में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। करीब 250 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर शनिवार को ताले लटके रहे। इससे टीकाकरण, गर्भवतियों की जांच और प्राथमिक उपचार के लिए पहुंचे लोगों को निराश लौटना पड़ा। स्वास्थ्य कर्मियों की कमी से सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी सेवाओं का दबाव बढ़ रहा है। इसका असर टीकाकरण से लेकर प्रसव संबंधी सेवाओं तक पड़ रहा है।
नौगढ़ ब्लॉक के महदेवा बाजार स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर टीकाकरण के लिए पहुंचीं प्रियंका, सरोज, सपना, नजरैन, रेनू और शहनाज को केंद्र बंद मिला। नजरैन ने बताया कि शनिवार को टीकाकरण होना था, लेकिन केंद्र नहीं खुलने से उन्हें वापस लौटना पड़ा। जोगिया ब्लॉक के बभनी लालपुर और जखौलिया भेड़िहवा स्थित केंद्रों पर भी ओपीडी, गर्भवतियों की जांच और टीकाकरण प्रभावित रहा।
दूसरे केंद्रों के चक्कर काट रहे ग्रामीण
ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर नियमित टीकाकरण, गर्भवतियों की निगरानी, बीमारियों की स्क्रीनिंग और प्राथमिक उपचार की सुविधाएं मिलती हैं। केंद्र बंद होने से ग्रामीणों को इन सेवाओं के लिए दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्भर होना पड़ रहा है। इससे उनका समय और आने-जाने का खर्च बढ़ रहा है। हालांकि, जखौलिया उपकेंद्र की एएनएम चंद्रावती देवी ने ग्राम पंचायत पुरैना में टीकाकरण किया और गर्भवतियों को सावधानी बरतने की सलाह दी।
नियमितीकरण की मांग पर आंदोलन
एनएचएम कर्मी नियमितीकरण और न्यूनतम 18 हजार रुपये मासिक मानदेय सहित विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। जिले के 324 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर इसका असर पड़ने की बात कही गई है।