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Siddharthnagar News: स्नातक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा अटकी, अधर में कॅरिअर

Sun, 04 Jan 2026 11:36 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के तहत स्नातक (बीए, बीएससी, बीकॉम) प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा को लेकर छात्रों का इंतजार बढ़ता जा रहा है।
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विश्वविद्यालय की ओर से परीक्षा आवेदन की निर्धारित समय-सीमा दिसंबर में समाप्त हो चुकी है, लेकिन जनवरी के पहले सप्ताह के बाद भी न तो परीक्षा कार्यक्रम जारी हुआ और न ही संभावित तिथियों को लेकर कोई स्पष्ट संकेत दिया गया है।
विश्वविद्यालय से संबद्ध 270 से अधिक महाविद्यालयों में स्नातक प्रथम सेमेस्टर में करीब डेढ़ से दो लाख छात्र पंजीकृत हैं। इतनी बड़ी संख्या में छात्रों की परीक्षा का दायित्व परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पर है। शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार जनवरी से परीक्षाएं शुरू होनी थीं, लेकिन आवेदन प्रक्रिया में आई अड़चनों के कारण पूरा सिस्टम बिगड़ गया।
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परीक्षा नियंत्रक दीनानाथ यादव के अनुसार, स्नातक प्रथम सेमेस्टर के 4565 छात्रों के परीक्षा आवेदन अपूर्ण पाए गए थे। कई कॉलेजों की ओर से समय पर छात्र विवरण, आंतरिक मूल्यांकन अंक और परीक्षा शुल्क जमा नहीं कराया गया, जिससे आवेदन सत्यापन अधूरा रह गया। इसी कारण विश्वविद्यालय को परीक्षा आवेदन की अंतिम तिथि एक जनवरी तक बढ़ानी पड़ी।
परीक्षा शाखा का कहना है कि प्रथम सेमेस्टर छात्रों की संख्या सबसे अधिक होने के कारण किसी भी स्तर पर त्रुटि होने से बाद में परिणाम और प्रमोशन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए जब तक सभी कॉलेजों से डेटा पूरी तरह सत्यापित नहीं हो जाता, तब तक परीक्षा कार्यक्रम जारी करना व्यावहारिक नहीं माना गया।
हालांकि, कॉलेज प्रशासन और छात्र इस तर्क से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि प्रथम सेमेस्टर की कक्षाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं और छात्र लंबे समय से सिर्फ परीक्षा तिथि की प्रतीक्षा कर रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह देरी अतिरिक्त दबाव का कारण बन रही है।
शिक्षकों का मानना है कि यदि स्नातक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा जनवरी के भीतर शुरू नहीं हुई, तो इसका असर सीधे रिजल्ट टाइमलाइन और द्वितीय सेमेस्टर की पढ़ाई पर पड़ेगा। साथ ही, विश्वविद्यालय की अकादमिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होंगे। परीक्षा नियंत्रक कार्यालय का दावा है कि परीक्षा केंद्रों का प्रारंभिक निर्धारण, विषयवार छात्र संख्या और गोपनीय सामग्री से जुड़ी तैयारी अंतिम चरण में है।
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