औराताल के बघमारा असनहरा ग्राम में राम कथा के तीसरे दिन श्रीराम जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास से मनाया गया। आचार्य सौरभ कृष्ण शास्त्री ने धर्म और मोक्ष की महत्ता पर प्रकाश डाला। जीवंत झांकियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
औराताल। क्षेत्र के बघमारा असनहरा ग्राम में चल रही राम कथा के तीसरे दिन भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। श्री राम की जय-जयकारों से पूरा पंडाल गुंजायमान हो उठा।
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आचार्य सौरभ कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीराम की कथा का वर्णन करते हुए धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 84 लाख योनियां भुगतने के पश्चात मानव देह की प्राप्ति होती है। इसलिए इस देह का उपयोग व्यर्थ कामों में न करके जनकल्याण व ईश्वर भक्ति में समर्पित कर दें।
इस मौके पर भगवान राम की जीवंत झांकियां सजाई गईं, जिसे देखकर श्रद्धालु अभिभूत हो उठे। उन्होंने कहा कि प्रभु का अवतार अत्याचार को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए होता है।