औराताल। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के बघमरा गांव में आयोजित राम कथा के पांचवें दिन शुक्रवार रात कथावाचक सौरभ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि जब-जब धर्म की हानि होती है तब तब ईश्वर धर्म की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं। उन्होंने कहा जब धरती पर असुरों का पाप बढ़ गया, तब विभिन्न रूपों में श्री हरि ने अवतार लिया। उन्होंने बताया कि जब लंका के राजा रावण का अत्याचार संपूर्ण पृथ्वी पर बढ़ गया तब श्रीहरि ने राम के रूप में धरती पर अवतार लिया। सौरभ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि बाल रूप में श्रीराम और मैया कौशल्या को सुख देने के लिए लीला करते हैं। मैया ने देखा कि भगवान को लगाया हुआ भोग बालक राम खा रहे हैं और जब बाहर आकर देखती हैं तो पालने में श्रीराम सो रहे होते हैं। मैया जान जाती हैं कि प्रभु ने मेरे घर अवतार लिया है। इस अवसर पर सौरभ कृष्ण शास्त्री के साथ आए भजन गायकों ने ठुमक चलत रामचंद्र बजत पैजनिया तथा अन्य भक्ति कीर्तनों से श्रोता भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।