- चितवन में 12 की आधिकारिक पहचान पर डीएनए रिपोर्ट के बाद ही सौंपे जाएंगे शव
खुनुवां। नेपाल के चितवन में जलप्रलय के बाद बरामद शवों की पहचान का संकट गहराता जा रहा है। फोटो और शरीर पर मौजूद पहचान के निशानों के आधार पर कई परिजन अपनों की पहचान कर चुके हैं लेकिन डीएनए जांच पूरी होने तक पुलिस ने शव सौंपने से इन्कार कर दिया है। ऐसे में परिवार के लिए एक-एक बिताना भारी हो रहा है।। एक तरफ वे अंतिम संस्कार की तैयारी करके बैठे हैं दूसरी तरफ उन्हें यही नहीं मालूम की कब तक रिपोर्ट का इंतजार करना होगा।
बाढ़ प्रभावित चितवन में अब तक 355 शव बरामद किए जा चुके हैं लेकिन इनमें से केवल 12 की आधिकारिक पहचान हो सकी है। वहीं 836 लोगों के लापता होने की सूचना पुलिस के पास दर्ज है। पहचान की प्रक्रिया तेज करने के लिए डीएनए नमूने जुटाए जा रहे हैं। गोरखा के मान बहादुर लामा समेत कई अन्य परिवारों ने भी फोटो और शारीरिक निशानों के आधार पर अपने परिजन की पहचान का दावा किया है। बाढ़ में कई शव क्षतिग्रस्त होने के कारण पुलिस डीएनए मिलान को ही अंतिम आधार मान रही है। इससे पहचान और शव सुपुर्दगी की प्रक्रिया लंबी होती जा रही है।
तीन दिन से भाई के शव का इंतजार
- भैरहवा निवासी अनिल यादव पिछले तीन दिनों से भरतपुर और चितवन के बीच पुलिस कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। उनके मोबाइल फोन में एक शव की तस्वीर सुरक्षित है, जिसे वह अपने बड़े भाई का बताते हैं। अनिल का कहना है कि 29 अगस्त को ही तस्वीर देखकर उन्होंने भाई की पहचान कर ली थी लेकिन डीएनए रिपोर्ट आने तक शव नहीं सौंपा जा रहा। उन्होंने बताया कि परिवार घर पर अंतिम संस्कार की तैयारी में बैठा है जबकि वह खुद चितवन में रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक पुष्टि के बिना किसी भी शव को परिजनों को सौंपना संभव नहीं है।
एक नजर में
355 शव चितवन में बरामद
12 शवों की आधिकारिक पहचान
836 लोग अब भी लापता दर्ज