- मिठवल ब्लॉक के सेमरहना गांव में सात दिवसीय श्रीराम कथा का तीसरा दिन
पथरा। मिठवल ब्लॉक के सेमरहना गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा के तीसरे दिन रविवार को वृंदावन से आए व्यास विजय कौशल ने सीता स्वयंवर और परशुराम-लक्ष्मण संवाद का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने प्रभु श्रीराम के विनम्र स्वभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि विनम्रता जीवन का सबसे बड़ा धन है। इसके बल पर मनुष्य सब कुछ प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने कहा कि किसी भी घर में कन्या का जन्म सौभाग्य की बात है। कन्या स्वयं सौभाग्यशाली होती है। कथा के दौरान उन्होंने जनकपुरी में भगवान शिव के धनुष भंग का प्रसंग सुनाया। बताया कि प्रभु श्रीराम ने सहजता से धनुष उठाकर उसे तोड़ दिया। इसके बाद माता सीता ने उनके गले में जयमाला पहनाई। इस प्रसंग के साथ अयोध्या और मिथिला के बीच पावन संबंध की शुरुआत हुई।
इसके बाद चारों भाइयों राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के विवाह का प्रसंग सुनाया। चारों भाइयों का विवाह जनकपुर की चारों राजकुमारियों के साथ हुआ। विवाह के दौरान वर-वधू पक्ष के बीच हुई हंसी-ठिठोली और परशुराम-लक्ष्मण संवाद का रोचक वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। पूरा कथा पंडाल जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा।
उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि जीवन में विनम्रता, संयम और भक्ति का विशेष महत्व है। इन्हीं गुणों से व्यक्ति का जीवन सार्थक बनता है। कथा के उपरांत श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर मुख्य यजमान इंद्रावती सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष शीतल सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि उपेंद्र प्रताप सिंह, शिवेंद्र प्रताप सिंह, राहुल सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।