मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड के बाहर अलाव से हाथ सेकते तीमारदार। संवाद
डुमरियागंज। कड़ाके की ठंड और शीतलहर से क्षेत्र का सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण ठंड और गलन के चलते सड़कों पर रात को कौन कहे, दिन में ही वाहनों का आवागमन कम हो गया है। सभी ठंड से राहत पाने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं, लेकिन ठंड का सितम और बढ़ता जा रहा है।
डुमरियागंज नगर और समूचे तहसील क्षेत्र में कड़ाके की ठंड, गलन और ठिठुरन से सभी बेहाल दिखाई दे रहे हैं। सोमवार को भी पूरे दिन सूरज के दर्शन न होने और धूप के अभाव में ठंड और गलन और भी बढ़ गई।
हालात ये हो गई है की ठंड हाड़ कंपा दे रही है। लोग गर्म वस्त्र, जैकेट, मफलर और टोपी से लैस होकर निकल रहे हैं, इसके बावजूद ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है। बचने के लिए लोग जहां कहीं अलाव की आग देख रहे हैं, उसी से चिपक कर शरीर गर्म करने की जुगत करते दिख रहे हैं।
भीषण ठंड और गलन शीतलहर के प्रकोप के चलते प्रदेश के सीएम के आदेश पर कक्षा एक से लेकर 12 के स्कूल, काॅलेज आगामी एक जनवरी 2026 तक बंद कर दिए जाने से छात्र-छात्राओं को राहत मिली है।