इटवा। थाना क्षेत्र के सिरसिया गांव में 30 नवंबर को विवाहिता लक्ष्मी की हत्या के मामले में पुलिस ने पति विवेक वर्मा, ससुर श्याम सुंदर वर्मा, सास विनीता, ननद अमृता वर्मा और प्रिया वर्मा को क्षेत्र के करहिया पुल से बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। थाने पर लाकर पूछताछ करने के बाद न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया। दहेज के लिए हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी।
क्षेत्र के सिरसिया गांव में 30 नवंबर को हुई विवाहिता लक्ष्मी की मौत हो गई। मायके वालों ने ससुराल वालों पर लाश को छोड़कर भाग जाने और दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाया था। इसको लेकर इटवा थाना पर एंबुलेंस पर लाश रखकर विरोध किया था। इसके बाद दो दिसंबर को पति समेत पांच लोगों पर दहेज के लिए हत्या के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तलाश कर रही थी। एसओ इटवा रविंद्र कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह मुखबिर से सूचना मिली कि इटवा-डुमरियागंज मार्ग पर स्थित करहिया पुल पर कुछ लोग खड़े हैं और नेपाल जाने के लिए वाहन की प्रतीक्षा में है। सूचना मिलते ही टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी को थाने ले आई। पूछताछ में उन लोगों ने अपना नाम व पता विवेक वर्मा (पति), श्याम सुंदर वर्मा ससुर, विनीता पत्नी श्याम सुंदर वर्मा सास, अमृता वर्मा, प्रिया वर्मा पुत्री श्याम सुंदर वर्मा निवासी सिरसिया थाना इटवा बताया।
19 दिन बाद हुई गिरफ्तारी: 30 नवंबर को हुई हत्या के मामले में मृतका के परिजनों ने इटवा थाने पर खूब हंगामा किया था। इटवा-डुमरियागंज मार्ग जाम कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की थी। इटवा पुलिस जब तक आरोपियों को पकड़ती, वह पुलिस की पहुंच से काफी दूर निकल चुके थे। दो दिसंबर को परिजनों ने खूब हंगामा किया था। शीघ्र गिरफ्तारी न होने पर सड़क जाम करने की चेतावनी भी दी थी। भागदौड़ के बीच वारदात के 19वें दिन बृहस्पतिवार को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर करहिया पुल से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।