सिद्धार्थनगर। जिले के समस्त किसानों से डीएम शिवशरणप्पा जीएन ने बृहस्पतिवार को अपील करते हुआ कि फसलों की कटाई के बाद फसल अवशेष को न जलाएं। अगर फसल अवशेष जलाने पर अंकुश नहीं लगा तो संबंधित किसानों पर दंडात्मक कार्रवाई के साथ जुर्माना भी लगेगा।
उन्होंने बताया कि फसल अवशेष जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति व मृदा में उपलब्ध कार्बन नष्ट हो जाता है। कार्बन की मात्रा औसत से कम होने पर फसलों द्वारा उर्वरकों का पूरी तरह से उपभोग नहीं हो पाता है। फसल अवशेष जलाने से वायु प्रदूषण एवं विभिन्न प्रकार की बीमारियां होने की आशंका बनी रहती है।
उन्होंने कहा कि फसल अवशेष को न जलाकर फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित विभिन्न कृषि यंत्रों का प्रयोग कर फसल अवशेष को खेतों में ही सड़ाकर कार्बनिक खाद तैयार करें।
यह लगेगा अर्थदंड : खेत में फसल अवशेष जलाने पर कृषि भूमि के दो एकड़ से कम क्षेत्रफल पर अर्थदंड प्रति घटना पांच हजार रुपये। कृषि भूमि का दो एकड़ से पांच एकड़ तक अर्थदंड प्रति घटना दस हजार रुपये। कृषि भूमि के पांच एकड़ से अधिक क्षेत्रफल पर अर्थदंड प्रति कार्यक्रम तीस हजार रुपये। वहीं, दो घटनाएं पाए जाने पर अर्थदंड के साथ विभागीय योजनाओं से वंचित कर दिया जाएगा। ्