खुनुवां। शोहरतगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत करहिया में धान की फसल कटाई के बाद लगने वाला पारंपरिक मेला इस वर्ष भी भव्य रूप में आयोजित किया गया। मेले के साथ रामलीला मंचन ने पूरे क्षेत्र को धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल से सराबोर कर दिया। ग्राम प्रधान करम हुसैन ने बताया कि यह मेला वर्ष 1988-89 से लगातार आयोजित हो रहा है। इसकी नींव पूर्व प्रधान स्व. रामनरेश चौधरी और स्व. राम सुभग चौधरी ने रखी थी। हर वर्ष दिसंबर माह में लगने वाले इस मेले में दिन में राम विवाह और रात्रि में जनकपुर दृश्य व श्रीराम विवाह उत्सव का मंचन किया जाता है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण जुटते हैं। उन्होंने कहा कि करहिया गांव में सभी कार्यक्रम आपसी सहयोग और सौहार्द के साथ संपन्न होते हैं। यहां जाति-धर्म से ऊपर उठकर लोग एक-दूसरे के साथ मिलकर आयोजन को सफल बनाते हैं, जिससे गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल कायम रहती है। मेले और रामलीला के सफल आयोजन में पूरे गांव के लोगों की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे कार्यक्रम की भव्यता और आकर्षण और बढ़ गया है।