- रतन सेन डिग्री कॉलेज में एनएसएस की दोनों इकाइयों ने चलाया जागरूकता अभियान
बांसी। रतन सेन डिग्री कॉलेज में शनिवार को राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वामी विवेकानंद और रानी लक्ष्मीबाई इकाइयों ने संयुक्त रूप से साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति सचेत करना था। साथ ही उन्हें डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित और जिम्मेदारी से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य संतोष कुमार सिंह ने साइबर जागरूकता को वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया। मनोविज्ञान विभाग के सहायक आचार्य रितेश कुमार शुक्ल ने कहा कि इंटरनेट, सोशल मीडिया, ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल से साइबर अपराधों का खतरा भी बढ़ा है। साइबर ठग फर्जी संदेशों, संदिग्ध लिंक, फोन कॉल और तरह-तरह के प्रलोभनों के जरिये लोगों की व्यक्तिगत जानकारी और बैंक खातों तक पहुंच बनाने का प्रयास करते हैं।
साइबर अपराधों से बचाव
रितेश कुमार शुक्ल ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध एप डाउनलोड करने और बिना सत्यापन के ऑनलाइन भुगतान करने से बचना चाहिए। उन्होंने बताया कि साइबर ठग अक्सर भय, लालच, जल्दबाजी और भावनात्मक दबाव का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं।
वित्तीय धोखाधड़ी और शिकायत
वित्तीय साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने की सलाह दी गई। इसके अलावा, cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने के लिए भी प्रेरित किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वामी विवेकानंद इकाई के कार्यक्रम अधिकारी सुभीर सिंह ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन प्रवेश दुबे ने किया जबकि सपना त्रिपाठी ने आभार जताया।
इस अवसर पर दयाशंकर, अवधेश, सनी देवल, अमन, शैलेष, नाजमीन, रिद्धि, कल्पना, पूनम सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।