सिद्धार्थनगर जिले के दूरदराज गांवों और टोलों में अब व्यापक विद्युतीकरण और स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य शुरू हुआ है। इस पहल से बिजली आपूर्ति सुधरेगी, चोरी रुकेगी और उपभोक्ताओं को विश्वसनीय सेवा मिलेगी।
सिद्धार्थनगर। आजादी के बाद से ही बिजली से अछूते गांवाें और टोलों में अब उजियारा छाएगा। गांव और कस्बे से कुछ सालों में अलग बसी आबादी भी बिजली से रोशन होगी। नए बिजली के केबिल लगाने के साथ ही पोल और ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन दिया जाएगा।
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इसके लिए पहले चरण में चिह्नित किए गए सात ब्लॉक क्षेत्र के 22 टोलों में एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से काम शुरू हो रहा है। जरूरत के अनुसार राशि और सामग्री बढ़ाई जा सकती है। वहीं, पांच तहसील के तीन डिविजन के कर्मी बिजली से अछूते गांव के टोलों और नगर पालिका व नगर पंचायत में बिजली आपूर्ति से अछूती आबादी का सर्वे कार्य कर रहे हैं। जैसे-जैसे रिपोर्ट आती जाएगी, वहां भी काम शुरु होता जाएगा।
सरकार गांव के विकास के लिए कई प्रकार की योजनाएं चला रही है। इसमें बिजली में ऑनलाइन व्यवस्था को बढ़ावा देते हुए गड़बड़ी को रोकने की कोशिश की जा रही है। वहीं बिजली चोरी रोकने के लिए तारों को बदलते हुए एबीसी केबिल बिछाए जा रहे हैं। इससे कटिया कनेक्शन पर ब्रेक लगेगा और लाइन लॉस भी कम हो जाएगा।
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इसके साथ ही स्मार्ट मीटर भी लगाए जा रहे हैं। बिजली निगम के कर्मचारी इस वक्त ऐसे गांवों के टोलों की तलाश में हैं जो बिजली से अछूता है या जहां तार-पोल लगने के बाद भी अभी तक आपूर्ति नहीं आई है। वहीं नई आबादी और 20-25 घर हो जाने वाले इसकों के साथ कटान या फिर बांध के बीच में पड़ने वाले स्थानों पर भी विद्युतीकरण करने की तैयारी की गई है।
इतना ही नहीं नई नगर पंचायत बनने के बाद अगल- बगल की बढ़ी आबादी, पुरानी नगर पालिका और नगर पंचायत में जो आबादी से दूर बसी नई आबादी में भी विद्युतीकरण किया जाएगा। इसमें पहले चरण में सात ब्लॉक क्षेत्र के 22 बिजली विहीन टोले में काम शुरु हुआ है जो जल्द ही पूरा हो जाएगा।
स्मार्ट मीटर से भी लगाने का हो रहा काम: बिजली बिल को लेकर होने वाली खींचतान और बिल में गड़बड़ी को रोकने के लिए शहर से लेकर ग्रामीण इलाके तक स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई है। इसमें नौ नगर पंचायत और दो नगर पालिका क्षेत्र में लगभग 90 प्रतिशत मीटर लग चुके हैं जबकि ग्रामीण इलाके में 30 प्रतिशत मीटर लगाए जा चुके हैं। इसके लग जाने से विद्युत उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।