- भनवापुर ब्लाॅक क्षेत्र के रमवापुर जगतराम में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय हो चुका तैयार
- 3.40 कराेड़ की लागत से बनने वाले भवन का निर्माण आखिरी चरण, नए सत्र से इंटरमीडिएट तक की होगी पढ़ाई
भनवापुर। स्थानीय ब्लॉक क्षेत्र में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बच्चियां अब उच्च शिक्षा से वंचित नहीं रहेंगी और उसके लिए नहीं भटकना पड़ेगा। ब्लाॅक क्षेत्र के बच्चियों को उच्च शिक्षा दिलाने के उद्देश्य से क्षेत्र के रमवापुर जगतराम में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। तीन करोड़ 42 लाख के लागत से बन रहे आवासीय विद्यालय का संचालन नए सत्र एक अप्रैल 2026 से होगा। यहां कक्षा नौ से इंटरमीडिएट तक की शिक्षा दी जाएगी।
सिद्धार्थनगर जिले के अंतिम छोर बलरामपुर जिले के बाॅर्डर पर स्थित पिछड़ा ब्लाॅक भनवापुर क्षेत्र में महिलाओं के शिक्षा का स्तर काफी कम है। ब्लाॅक क्षेत्र में निशुल्क शिक्षा के लिए कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का संचालन शाहपुर में हो रहा है। यहां कक्षा छह से आठ तक की शिक्षा जाती है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियां सुविधाओं व संसाधनों के अभाव में उच्च शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाती थी, मगर अब गरीब परिवारों की लड़कियां उच्च शिक्षा से वंचित नहीं रहेंगी। पिछड़े ब्लाॅक में महिलाओं के उच्च शिक्षा स्तर में सुधार लाने के लिए लिए कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निर्माण ब्लाॅक क्षेत्र के रमवापुर जगतराम में कराया गया है। इसमें क्षेत्र की बच्चियों को नौवीं से 12वीं तक की शिक्षा दी जाएगी। इसके साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियों को शिक्षा के साथ ही रहने-खाने, ड्रेस आदि निशुल्क सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिसके लिए सौ शैया का छात्रावास भी बन कर तैयार है।
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बोले अभिभावक
मेहनत मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते हैं। हमारे पास पांच लड़कियां और एक लड़का है, जिससे दो लड़कियां कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय शाहपुर से कक्षा आठ पास कर चुकी हैं। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से आगे की पढ़ाई रुक गई है। अभी एक लड़की कक्षा सात में पढ़ रही है। रमवापुर जगतराम में कास्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के संचालन होने से उच्च शिक्षा दिलाने में आसानी होगी।
- रामफेर, अभिभावक, बिजौरा गांव निवासी
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ब्लाॅक क्षेत्र के शाहपुर में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में केवल जूनियर तक की शिक्षा मिलती है। निजी विद्यालयों में भारी भरकम फीस जमा नहीं कर पाने के कारण गरीब परिवारों की लड़कियां उच्च शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाती थी। रमवापुर जगतराम में आवासीय बालिका विद्यालय बन जाने से लड़कियाें को उच्च शिक्षा में सहूलियत मिलेगी।
- शैलेंद्र उर्फ अमित पांडेय, समाजसेवी, डोमसरा निवासी
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बाेले जिम्मेदार
रमवापुर जगतराम में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निर्माण कार्य करीब पूरा हो चुका है। शिक्षा सत्र एक अप्रैल 2026 से कक्षा नौ में नामांकन किया जाएगा।
- राजेश कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी, भनवापुर