कांशीराम आवास के जर्जर भवन का निरीक्षण करते डीएम शिवशरणप्पा जीएन व ईओ अजय सिंह। संवाद
- दो फ्लैट के छत ढहने के बाद शहर में स्थित कांशीराम आवास भवन की हो रही जांच
सिद्धार्थनगर। जर्जर हो चुके कांशीराम आवासीय कॉलोनी का जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने बृहस्पतिवार को निरीक्षण किया। उन्होंने भवन, नाली और सड़क को देखा और ईओ नगर पालिका अजय कुमार सिंह को नालियों की सफाई के निर्देश दिए। साथ ही वहां जलभराव की समस्या के निदान के लिए पंपसेट लगवाकर जलनिकासी कराने के लिए निर्देशित किया।
शहर में स्थित कांशीराम आवास के ब्लॉक संख्या 40 और 41 के दो फ्लैट के छत ढहने के बाद डीएम के निर्देश पर गठित चार सदस्यीय टीम कांशीराम आवास भवन की गुणवत्ता और रहने योग्य है या नहीं, इसकी जांच कर रही है। 18 जुलाई को हुए हादसे के बाद अमर उजाला ने इस खबर को लगातार अभियान के तहत प्रमुखता से प्रकाशित किया।
पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता कमल किशोर की अध्यक्षता में गठित टीम में बतौर सदस्य नगर पालिका ईओ अजय कुमार सिंह, परियोजना निदेशक डूडा नीरज अग्रवाल और सहायक अभियंता आवास एवं विकास परिषद सतीश कुमार भी शामिल हैं। बता दें कि उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की ओर से वर्ष 2011 में शहरी गरीब आवास योजना के तहत लगभग 50 करोड़ की लागत से नगर पालिका में एक हजार आवास का निर्माण हुआ था। शहर के ऑफिसर्स कॉलोनी में तीन फ्लाेर में निर्मित कांशीराम आवास में 84 ब्लॉक हैं, जिसमें प्रत्येक ब्लॉक में 12 फ्लैट हैं। प्रत्येक फ्लैट में दो कमरे के साथ किचन और शौचालय का निर्माण कराया गया है। तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने नौ अक्टूबर 2008 को इसका शिलान्यास किया था। वर्ष 2011 में निर्माण पूरा होने के बाद आवासों का आवंटन हुआ था। निर्माण के मात्र 15 वर्ष बाद ही इन भवनों की हालत जर्जर हो चुकी है। वहीं छत ढहने के बाद फ्लैट में रहने वाले सहमे हुए हैं।