भनवापुर क्षेत्र के चौखड़ा में श्रीमद्भागवत कथा सुनाते प्रेम शरण शास्त्री। संवाद
भनवापुर। ब्लाॅक क्षेत्र के चौखड़ा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार की रात श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति में कथा वाचक प्रेम शरण ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया।
प्रेम शरण ने नंदगांव और वृंदावन में श्रीकृष्ण द्वारा की गई लीलाओं की कथा में पूतना वध, शकटासुर, तृणावर्त, कालिया नाग पर विजय, गोवर्धन पूजा और ग्वाल-बालों संग बाल्यकाल की चंचल घटनाओं को विस्तारपूर्वक सुनाया। कथा वाचक ने बताया कि कैसे भगवान ने बाल रूप में ही अधर्म के प्रतीक कंस का अंत कर धर्म की स्थापना की।
कथावाचक ने कहा कि जब भी पृथ्वी पर धर्म होता है अत्याचार बढ़ता है, नारायण अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं। उन्होंने कहा कि कलयुग में भगवान के नाम का स्मरण कर मनुष्य भवसागर पार कर लेते हैं। इस दौरान मुख्य यजमान कंचना सिंह, अनिल कुमार सिंह, गोपालजी सिंह, हरि सिंह, अरुण कुमार सिंह, मनोज कुमार सिंह, संजीव सिंह आदि मौजूद रहे।