डुमरियागंज। नगर पंचायत क्षेत्र के गांधीनगर वार्ड में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन रविवार की रात श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथावाचक स्वामी आलोकानंद शास्त्री ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की पावन कथा का भावपूर्ण वर्णन किया। इसे सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे।
स्वामी आलोकानंद शास्त्री ने कथा प्रवचन के दौरान कहा कि जब-जब धरती पर आसुरी शक्तियां बढ़ीं और धर्म की हानि हुई, तब-तब परमात्मा ने अवतार लेकर धर्म की रक्षा की। मथुरा में राजा कंस के अत्याचारों से त्रस्त धरती की करुण पुकार पर भगवान नारायण ने देवकी के अष्टम पुत्र के रूप में श्रीकृष्ण का अवतार लिया और अधर्म का नाश कर धर्म की स्थापना की।
उन्होंने कहा कि जीवन में भागवत कथा सुनने का सौभाग्य अत्यंत दुर्लभ होता है। जब भी यह अवसर प्राप्त हो, उसका सदुपयोग करना चाहिए। कथा श्रवण तभी सार्थक होता है जब उसके उपदेशों को जीवन में उतारकर परमार्थ के मार्ग पर चला जाए।
कथावाचक ने रामकथा का भी वर्णन करते हुए बताया कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने धरती को राक्षसों के आतंक से मुक्त कराने के लिए अवतार धारण किया।