अग्निपथ यात्रा के दौरान आग पर चलते हुए मित्र मंडली के सदस्य। संवाद
सकारपार। बांसी तहसील क्षेत्र के बांसी-धानी मार्ग स्थित गोनहा ताल चौराहा पर श्री बालकृष्ण मित्र मंडली के भक्तों ने मां शीतला देवी की पूजा-अर्चना करने के लिए धधकती आग के गोले के ऊपर से चलकर अनोखा भाव प्रकट किया।
आग पर चलने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है, जिसका पालन भक्त बड़ी श्रद्धा के साथ कर रहे हैं। क्षेत्र के गोनहा ताल कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी शारदीय नवरात्र के अंतिम दिन नवमी तिथि को बालकृष्ण मित्र मंडली के भक्तों ने अग्नि यात्रा कार्यक्रम का आयोजन किया। भक्तों ने मां शीतला देवी की पूजा-अर्चना करने का अनोखा भाव प्रकट किया। शारदीय नवरात्र के पावन पर्व पर मंडली के सभी भक्तों ने पूरी श्रद्धा के साथ नौ दिनों तक नवरात्र व्रत और जप-तप किया। उसके बाद नवरात्र के अंतिम दिन नवमी तिथि को सभी भक्तों ने आग के ऊपर से चलकर मां शीतला देवी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम के आयोजक पंडित रघुनंदन पांडेय ने बताया कि यह कार्यक्रम विगत 23 वर्षों से होता चला आ रहा है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में 21 भक्त प्रतिभाग करते हैं। नवरात्र के अंतिम दिन नवमी तिथि को भक्तगण मां शीतला देवी के सम्मुख लकड़ी जलाकर आग प्रज्वलित करते हैं।
उसके बाद आग के गोले को 21 फुट लंबा गड्ढा खोदकर उसी में फैलाया जाता है। इस दौरान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राम अनुज, अमित श्रीवास्तव, आलोक श्रीवास्तव, राम नयन मौर्य, राम गोपाल उपाध्याय, वेद साहनी आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
अग्निपथ यात्रा के दौरान आग पर चलते हुए मित्र मंडली के सदस्य। संवाद