सिद्धार्थनगर। स्वरोजगार के जरिये आत्मनिर्भर बनने के लिए जिले के युवाओं ने भरपूर उत्साह दिखाया है। इसमें खासतौर से महिलाएं और बेटियां खुद के पैरों पर खड़ी होने के लिए आगे बढ़ीं हैं। वह खुद के साथ ही दूसरों को साथ रखकर सशक्त बनाने में जुट गईं हैं।
इस योजना के तहत एक हजार से अधिक युवाओं ने स्वावलंबी बनने की ओर कदम बढ़ाया है, जिसमें बेटियों की संख्या ज्यादा है। ब्यूटी पार्लर, रेस्टोरेंट, मोबाइल रिपेयर, ऑटो मोबाइल, बेकरी आइटम, सिलाई, कंप्यूटर, डीजे साउंड, दोना पत्तल, स्वीट मेकिंग, टेंट हाउस के लिए आवेदन किए गए हैं।
एक जैसे व्यवसाय के लिए जिले से कई आवेदन आए हैं। युवाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत उन्हें पांच लाख रुपये तक बिना गारंटी लोन दे रही है।
यह लोन सिर्फ उन्हीं को मिलना है, जो खुद से कोई उत्पादन या सेवा प्रदान करने से जुड़ा व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। दोनों ही श्रेणियों में 100 से अधिक तरह के बिजनेस मॉडल के आइडिया भी सुझाए गए हैं, लेकिन जिले के युवाओं का रुझान सिर्फ 10 तरह के उद्यम व्यवसाय में सबसे ज्यादा है।
युवतियां और महिलाएं ब्यूटी पार्लर, सिलाई सेंटर खोलने के लिए योजना का लाभ पाने को उत्सुक हैं तो युवकों का रुझान रेस्टोरेंट, मोबाइल रिपेयरिंग, ऑटो मोबाइल, बेकरी आइटम के प्रति सबसे ज्यादा है। आंकड़ों पर गौर करें तो वर्तमान सत्र 2025-26 के लिए जिले को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 1700 लोगों को लाभ दिलाने का लक्ष्य मिला है।
इसके सापेक्ष लगभग नौ महीने में ही 2088 आवेदन आ चुके हैं। इसमें 1100 आवेदन बैंकों को प्रेषित भी किए जा चुके हैं। इन आवेदनों में से 20 प्रतिशत आवेदन सिर्फ ब्यूटी पार्लर, सिलाई सेंटर के लिए आए हैं।