पुलिस लाइन सभागार में हत्या आरोपी के बारे में जानकारी देते एएसपी प्रशान्त कुमार प्रसाद। स्रोत प
- दूसरी पत्नी लाने की आशंका और संपत्ति हाथ से निकलने के डर से दिया वारदात को अंजाम
- खेसरहा थाना क्षेत्र के कोटिया पांडेय गांव में हुई थी गला घोंटकर हत्या
सिद्धार्थनगर। खेसरहा थाना क्षेत्र के गेंगटा में बुजुर्ग शिवपूजन लोधी की गला घोंटकर हत्या के मामले का खेसरहा पुलिस ने मंगलवार को पर्दाफाश किया। बेटी और दामाद ही कातिल निकले। पुलिस के मुताबिक बुजुर्ग के दूसरी महिला लाने और संपत्ति हाथ से निकल जाने की आशंका में हत्या की गई। पुलिस ने दोनों को क्षेत्र के कुड़जा गांव के पास से दबोच लिया। पूछताछ करने के बाद न्यायालय रवाना कर दिया है।
पुलिस लाइंस सभागार में आयोजित प्रेस काॅन्फ्रेंस में एएसपी प्रशांत कुमार प्रसाद ने बताया कि 19 सितंबर को खेसरहा थाना क्षेत्र के गेंगटा के पास खेत में शिवपूजन लोधी निवासी कोटिया पांडेय थाना खेसरहा जनपद सिद्धार्थनगर की अज्ञात व्यक्तियों ने निर्मम हत्या कर दी थी। इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर पुलिस जांच कर रही थी। खेसरहा एसओ अनूप कुमार मिश्र और सर्विलांस को हत्या से जुड़ी अहम कड़ी हाथ लगी, जिसके सहारे आगे बढ़ी तो लीड मिली और घटना करने का मोटिव सामने आ गया। इसमें मृतक की बेटी और दामाद के हत्या कारित करने का ठाेस कारण मिल गया। इसमें वैज्ञानिक, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का संकलन किया गया, साक्ष्यों के आधार पर घटना कारित करने वाले प्रकाश में आए दामाद मनोज और कविता पत्नी मनोज निवासी कोटिया पांडेय थाना खेसरहा मंगलवार को क्षेत्र के कुड़जा से गिरफ्तार कर कड़ाई से पूछताछ की गई। उन्होंने संपत्ति न मिलने और दूसरी पत्नी लाने की आशंका के कारण बुजुर्ग की हत्या की बात कबूल ली। हत्या में इस्तेमाल सामान बरामद किया गया। पूछताछ करने के बाद आरोपियों को न्यायालय रवाना कर दिया गया है।
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बेटी-दामाद को नहीं देना चाहते थे संपत्ति
पुलिस की पूछताछ में आरोपी बेटी कविता व दामाद मनोज ने बताया कि मृत शिवपूजन की पत्नी सुराती देवी शादी के समय कविता को अपनी गोद में लेकर आई थी। कविता के अलावा दूसरी पुत्री सरिता मृतक से पैदा हुई थी जो अर्ध विक्षिप्त है और बोल नहीं पाती है। सुराती देवी की मृत्यु करीब एक वर्ष पहले हो चुकी है। बताया कि शिवपूजन अपनी संपत्ति उन्हें नहीं देना चाहते थे और दूसरी महिला को लाने की फिराक में थे। ग्राम कोटिया पांडेय में स्थित मकान और जमीन भी बेचना चाहते थे, इसलिए 19 सितंबर को उन्होंने खेत में जहां शिवपूजन अपने मचान पर रहकर खेत की रखवाली करते थे, वहां रात करीब नौ बजे पहुंच गए। जमीन न बेचने और दूसरी महिला न लाने के संबंध में बातचीत करने लगे। कविता ने सेवा व देखभाल की जिम्मेदारी लेने की बात कही, लेकिन शिवपूजन ने उन्हें डांटकर भगा दिया। इससे नाराज कविता और मनोज ने शिवपूजन की हत्या कर दी।