सिद्धार्थनगर। मिलेट्स (श्रीअन्न ) की खेती किसानों के लिए वरदान है। ज्वार, बाजरा, रागी, सांवा, चीना, कोदो व कंगनी जैसे छोटे दाने वाले पौष्टिक अनाज है। इनमें गेहूं और चावल से ज्यादा प्रोटीन, फाइबर और खनिज होते है। मधुमेह के रोगियों के लिए उत्तम है। यह स्वास्थ्य वर्धक और पर्यावरण के लिए अनुकूल फसलें है जो कम पानी में अधिक उपज देती हैं।
यह बातें उपनिदेशक कृषि राजेश कुमार ने कही। वह शुक्रवार को डीडी कृषि कार्यालय के सभागार में मिलेट्स पुनरोद्धार के तहत एफपीओ के सदस्यों के दिवसीय प्रशिक्षण को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अपने-अपने खेतों में मिलेट्स की खेती करें। कृषि विभाग निशुल्क बीज उपलब्ध कराएगा।