डुमरियागंज। पिछले कुछ दिनों से थमी बारिश के बाद उमस भरी गर्मी से लोग परेशान हैं। भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किल और बढ़ा दी है। दूसरी तरफ मौसम की तल्खी से धान के खेतों में दरारे पड़ने लगी हैं।
मौसम वैज्ञाानिकों का कहना है कि बादल छा रहे हैं, लेकिन बारिश के रूप में परिवर्तित नहीं हो पा रहे हैं। वैज्ञानिकों ने किसानों को इसके लिए अभी से सतर्क रहने की सलाह दी है। रविवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो शनिवार की अपेक्षा एक डिग्री कम रहा।
वहीं बिजली कटौती और लो वोल्टेज ने लोगों की दिक्क्तें और बढ़ा दी हैं। खेतों से नमी गायब हो गई है और दरारें पड़ने लगी हैं। कृषि विज्ञान केंद्र, सोहना के वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि बारिश न होने से धान की फसल पर असर पड़ रहा है। किसान अपने खेतों में नमी कम न होने दें, इससे पैदावार प्रभावित हो जाएगा।