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Siddharthnagar News: बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं बेच सकेंगे कफ सिरप

Sat, 29 Nov 2025 11:21 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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मेडिकल स्टोर में रखी हुई सिरप। संवाद
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सिद्धार्थनगर। राजस्थान और मध्य प्रदेश में संदिग्ध कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत के बाद सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। अब बिना डॉक्टर के पर्चे के मेडिकल स्टोर संचालन कफ सिरप की बिक्री नहीं कर पाएंगे।
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अगर इनकी बिक्री करनी भी है तो इसके लिए डॉक्टर की पर्ची जरूरी होगी और साथ ही एक रजिस्टर भी रखना होगा, जिस पर बेचने वाले का पूरा ब्यौरा दर्ज करना होगा। इससे बिना निगरानी बिक रही कफ सिरप पर काफी हद तक शिकंजा कसेगा और मरीजों की सुरक्षा को मजबूत ढाल मिल सकेगी।
जनपद में लगभग 1500 मेडिकल स्टोर और निजी अस्पतालों में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कफ सिरप की बिक्री होती है। 30 लाख की आबादी वाले जिले में प्रतिमाह करीब छह लाख से अधिक कफ सिरप की खपत है। अब हर बोतल की निगरानी होगी ताकि किसी भी अवैध या निम्न गुणवत्ता वाली दवा की बिक्री पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
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सरकारी और निजी डॉक्टरों से लिखी जाती हैं दवाएं: जनपद में माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज, सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से लगभग 300 सरकारी डॉक्टर प्रतिदिन दवाएं लिखी जातीं हैं। इनके अलावा निजी अस्पतालों में खांसी का इलाज कराने आने वाले बड़ी संख्या में मरीजों को कफ सिरप लिखा जाता है।
ऐसे में डॉक्टर के वैध पर्चे और रजिस्टर में रिकॉर्ड रखने से बिक्री पर निगरानी आसान होगी। राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई जिलों में स्थानीय ब्रांड के कफ सिरप पीने के बाद 10 से अधिक बच्चों की मौत हुई। सिरप में खतरनाक तत्व डाइ-इथिलीन ग्लाइकोल (डीईजी) और इथिलीन ग्लाइकोल (ईजी) मिलने की आशंका जताई गई थी। इन्हीं घटनाओं को देखते हुए केंद्रीय और राज्य औषधि नियंत्रण विभाग ने सभी राज्यों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
कफ सिरप बिक्री पर कठोर निगरानी: इस आदेश के लागू होने के बाद अब बिना डॉक्टर की पर्ची के कफ सिरप की बिक्री नहीं होगी। इससे बिना निगरानी बिक रही दवाओं पर अंकुश लगेगा। वहीं, कफ सिरप की आड़ में खपाई जा रही खतरनाक या मिलावटी सिरप की बिक्री लगभग असंभव हो जाएगी। फर्जी और अपंजीकृत कंपनियों का बाजार बंद होगा। कफ सिरप का दुरुपयोग करने वाले युवाओं पर भी नियंत्रण लगेगा। मरीजों की सुरक्षा बढ़ेगी और डॉक्टर द्वारा तय की गई सही दवा ही मिलेगी। नियम के तहत हर बिक्री का अनिवार्य रजिस्टर में रिकॉर्ड मेडिकल स्टोर को रखना होगा। डॉक्टर के पर्चे की प्रति व्यक्ति रिपोर्ट भी स्टोर संचालक को रखनी होगी।
इन परस्थितियों में दी जाती है कफ सिरप: लगातार सूखी या बलगमी खांसी 5-7 दिन से अधिक रहने पर, वायरल संक्रमण में गले की सूजन, जलन और खांसी की तीव्रता बढ़ने पर, दमा, एलर्जी या धूल-धुआं से होने वाली इरिटेशन खांसी में, बच्चों में खांसी के साथ सांस फूलना, सीने में जकड़न होने पर या सांस लेने में दिक्कत हो।
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