नेपाली प्रतिनिधि सभा में जूट उद्योग के संकट पर बोलती सांसद निशा डांगी। स्रोत सोशल मीडिया
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खुनुवां। भारत की शुल्क नीति से नेपाली जूट उद्योग पर पड़ रहे असर का मुद्दा शनिवार को नेपाल की प्रतिनिधि सभा में उठा। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की सांसद निशा डांगी ने इस पर चिंता जताई। उन्होंने सरकार से भारत के साथ तत्काल कूटनीतिक पहल करने की मांग की।
सांसद डांगी ने कहा कि भारतीय एंटी-डंपिंग शुल्क और काउंटरवेलिंग ड्यूटी जांच से उद्योगों की मुश्किलें बढ़ेंगी। इससे जूट उद्योगों के सामने गंभीर संकट खड़ा होने की आशंका है। हजारों मजदूरों की आजीविका पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए उचित बाजार मिलने में भी परेशानी होगी। उन्होंने सरकार से नेपाली जूट उद्योगों के हितों की रक्षा का आग्रह किया। औद्योगिक नीति को केवल बंद उद्योगों तक सीमित न रखने की बात कही। पहले से संचालित उद्योगों को टिकाऊ आधार पर चलाने के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया।
दीर्घकालिक औद्योगिक नीति की मांग
सांसद डांगी ने रोजगार संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने किसानों की उपज के लिए बाजार उपलब्ध कराने की बात कही। उद्योगों का संचालन निरंतर बनाए रखने के लिए भी कदम उठाने को कहा। इसके लिए एक दीर्घकालिक औद्योगिक नीति तैयार करने की मांग की गई।