- जमुवार घाट सहित बांसी, डुमरियागंज, शोहरतगढ़ के 150 घाटों पर हुई पूजा-अर्चना
- भोर में तीन बजे ही पहुंच गए छठ व्रत रखने वाली महिलाएं, तय मुहूर्त में हुआ पूजन
- घाट पर गूंजता रहा छठ गीत, भक्ति से सराबोर रहे लोग, कहीं- कहीं हुई बूंदाबांदी
सिद्धार्थनगर। कार्तिक मास के छठ पर्व पर मंगलवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ आस्था का महापर्व संपन्न हो गया। हालांकि, असमान में बादल छाए रहे, जिसकी वजह से लोगों ने समय देखकर अर्घ्य दिया और अपना व्रत पूरा किया। जिले के जमुआर घाट, बांसी के राप्ती तट, डुमरियागंज के बघौली घाट से लेकर शोहरतगढ़ और बढ़नी के विभिन्न तालाबों व नदियों के किनारे तक श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर दौरा (बांस की टोकरी) लिए सूर्यदेव को अर्घ्य देने पहुंचीं, वहीं पूरा वातावरण जय छठी मइया के जयघोष से गूंज उठा।
बादल और बूंदाबादी के साथ तय मुहूर्त में श्रद्धालुओं ने दोनों हाथ जोड़कर सूर्यदेव से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। घाटों पर महिलाएं और पुरुष व्रतधारी जन पूरे विधि-विधान से पूजा करते दिखे। डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद रात्रि भर चले भजन-कीर्तन के बीच यह दृश्य और भी मनमोहक बन गया। जमुआर घाट पर हजारों श्रद्धालु जुटे। घाट की सजावट, रोशनी और सुरक्षा के विशेष इंतजाम प्रशासन की ओर से किए गए थे। बांसी के राप्ती घाट, डुमरियागंज के राप्ती तट, शोहरतगढ़, बढ़नी, बर्डपुर सहित जिले के 150 से अधिक घाटों पर छठ पूजा विधि-विधान से संपन्न हुई। छठी माता की जयकारों के बीच महिलाओं ने सूर्यदेव को दूध, गंगा जल, सुपारी, केला, नारियल और गन्ने के साथ अर्घ्य अर्पित किया। कई स्थानों पर बैंड-बाजे के साथ शोभायात्राएं भी निकाली गईं।
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उदयाचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर हुआ छठ पूजा का समापन
शोहरतगढ़। शोहरतगढ़ नगर पंचायत सहित तहसील क्षेत्र ग्रामीण इलाका मंगलवार भोर तीन बजे से गूंज रहा है। आस्था इस पर्व पर महिलाओं ने छठी मइया की पूजा-अर्चना कर सरोवर पर निराजल व्रती महिलाओं ने उदयाचलगामी सूर्य को दूध से अर्घ्य दिया। पुत्र के दीर्घायु और सुख समृद्धि की कामना की। मनोकामना पूरा होने के लिए प्रार्थना की। घाट की सुंदरता व सजावट लोगों को आलोकित कर रही थी। आस्था के इस महासंगम में इंद्रदेव भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने अमृत की वर्षा की। बारिश में भीगते हुए अर्घ्य दिया। व्रती महिलाओं ने जल व प्रसाद ग्रहण कर छठ महापर्व का समापन किया। शिव बाबा छठ घाट पर रात दो बजे से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। वेदियों को फूलों से सजाकर उसपर अखंड ज्योति रख नारियल का फल-फूल मेवा ठेकुआ आदि अर्पित किया। घाट पर छठ मइया और सूर्यदेव के मंगलगीत गा रही महिलाओं ने उत्साह और भी बढ़ा दिया।
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अर्पणा के भजन गीतों पर झूमते रहे श्रद्धालु
शोहरतगढ़। शिव बाबा छठ घाट पर भजन गायिका अर्पणा मिश्रा के भक्ति गीतों पर श्रद्धालुओं ने पूरी रात डुबकी लगाई। गौरव महादेव ग्रुप कानपुर के कलाकारों ने गणेश, राधा कृष्ण, हनुमान, शंकर पार्वती आदि का सुंदर व मनमोहक झांकियां प्रस्तुत कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अर्पणा के छठ गीत बहंगी लचकती जाए, उगा उगा हे सूर्यदेव उगा भजन प्रस्तुत किया कि तालियों की गूंज से श्रद्धालुओं से खचाखच भरा छठ घाट गुंजायमान हो गया। छठ मइया के जयकारे लगने लगे। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष उमा अग्रवाल रवि अग्रवाल, पूर्व चेयरमैन शिवप्रसाद वर्मा, शिवशंकर उमर, नीलू रूंगटा आदि उपस्थित रहे।
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दर्शन कर ग्रहण किया प्रसाद
बांसी। राप्ती नदी तट पर स्थित रानी मोहभक्त लक्ष्मी स्नान घाट पर छठी मइया की मूर्ति स्थापित की गई है। श्रद्धालुओं ने छठी मइया का दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया। सूर्यदेव को अर्द्ध देने के बाद लौटते समय श्रद्धालुओं ने छठी मइया का दर्शन किया। प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी घाट पर छठी मइया की प्रतिमा लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। व्रती महिलाओं के अलावा घाट पर आए सभी श्रद्धालुओं ने छठी मइया की पूजा-अर्चना कर अपनी-अपनी मनोकामना पूर्ण करने की मन्नत मांगी। यहां भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए काफी संख्या में पुलिस बल के साथ महिला कांस्टेबल को तैनात किया गया था।
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उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ छठ का समापन
शाहपुर। लोक आस्था और सूर्य उपासना के चार दिवसीय महापर्व छठ का समापन मंगलवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ हुआ। तहसील क्षेत्र के छठ घाटों पर भोर से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। महिलाएं, बच्चे और पुरुष पवित्र जल में खड़े होकर सूर्य देव को नमन करते हुए परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते नजर आए। डुमरियागंज राप्ती नदी के तट पर बने छठ घाट पर सुबह करीब चार बजे से ही छठव्रती महिलाओं का घाटों पर पहुंचने लगे थे। जैसे-जैसे सूर्य की लालिमा आकाश में फैलने लगी, घाटों पर भक्ति और श्रद्धा का माहौल चरम पर पहुंच गया। व्रती महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान वातावरण में गूंजते रहे लोकगीत कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाय..., ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रंग में रंग दिया। इसके साथ साथ क्षेत्र के तेनुहार, जखौली, भारतभारी सागर, साऊपुरा घाट और बघनी घाट समेत सभी प्रमुख छठ स्थलों पर देर रात से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। हल्की ठंड के बावजूद लोगों का उत्साह देखते ही बनता था। इस अवसर पर पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने भी राप्ती नदी तट पर पहुंचकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया और क्षेत्रवासियों के सुख, शांति व समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि छठ पूजा भारतीय संस्कृति की अद्भुत पहचान है, जहां महिलाएं अपने परिवार के स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए 36 घंटे तक निर्जल व्रत रखती हैं। यह त्याग, श्रद्धा और मातृत्व का अद्भुत उदाहरण है।
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उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रतियों ने की पूजा-अर्चना
बढ़नी। मंगलवार की सुबह नगर पंचायत बढ़नी में छठ महापर्व का अद्भुत नजारा देखने को मिला। आंबेडकर नगर पोखरे और राम जानकी मंदिर के पास स्थित पोखरे पर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। व्रती महिलाओं ने पारंपरिक विधि-विधान से सूर्य भगवान की पूजा-अर्चना कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और संतान की दीर्घायु की कामना की। सुबह की पहली किरण के साथ ही घाटों पर छठ गीतों की गूंज सुनाई देने लगी। महिलाएं सिर पर पूजा की डलिया लिए जल में खड़ी होकर सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित कर व्रत का समापन किया। इस दौरान पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। नगर पंचायत अध्यक्ष सुनील अग्रहरि, गोकुल गोयल, शंभू नाथ त्रिपाठी, शिवम उपाध्याय सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी घाट पर पहुंचकर श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन किया।
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रामघाट तट पर श्रद्धा और आस्था का उमड़ा सैलाब
खुनुवां। सीमा से सटे नेपाल के कपिलवस्तु जिले के तौलिहवा मुख्यालय से लगभग चार किलोमीटर दूर स्थित बाणगंगा नदी के रामघाट तट पर मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ महापर्व छठ संपन्न हुआ। सूर्य देव के प्रति श्रद्धा और भक्ति के इस पर्व में हजारों व्रती महिलाओं और पुरुषों ने नदी के तट पर पहुंचकर गाय के दूध, फूल और पवित्र जल से सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। उगते सूर्य की किरणों के दर्शन के साथ ही चार दिवसीय पर्व का समापन हुआ। छठ व्रतियों ने परंपरा के अनुसार कमर तक जल में खड़े होकर सूर्य को नमन किया। धार्मिक मान्यता है कि पृथ्वी पर जीवन जल और सूर्य के कारण संभव है, इसलिए छठ में नदी को माता और सूर्य को समस्त शक्तियों का स्रोत मानकर विशेष पूजा की जाती है। यह पर्व कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से सप्तमी तक मनाया जाता है। शनिवार से आरंभ हुए व्रत में कल डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद उगते सूर्य की पूजा के साथ व्रत का विधिवत समापन हुआ।
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36 घंटे के निरजला व्रत का अर्घ्य देकर किया समापन
भनवापुर। ब्लाॅक क्षेत्र के गंगापुर राप्ती नदी के तट और क्षेत्र के कटरिया बाबू छठ पूजा घाट पर भोर से ही महिलाओं की भीड़ पूजा सामग्री के साथ जुटनी शुरू हो गई। व्रतियों ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर अपने 36 घंटे के निर्जला व्रत का समापन किया। क्षेत्र के घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहां जिला पंचायत प्रतिनिधि ज्ञान प्रकाश सिंह, प्रदीप कसौधन, दिनेश चतुर्वेदी सनातनी, यशवीर सिंह, राज शुक्ल, अशोक पांडेय, संजय तिवारी, गजेंद्र शुक्ल, मोनू समेत कई लोगों ने सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दौरान घाटों पर अद्भुत नजारा देखने को मिला, जहां लाइटिंग कर मनमोहक तरीके से सजाया गया था।
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तुलसियापुर। सिर पर फल-फूल व पूजा सामग्री से भरी डलिया, हाथों में अखंड ज्योति और जुबां पर छठ मैया के गीत। चेहरे पर श्रद्धा के भाव लिए लाखों लोगों ने उत्साह व उल्लास के साथ छठ पर्व के चौथे दिन मंगलवार को उदयांचल सूर्य को अर्घ्य दिया। नदियों व पोखरों पर बने घाटों पर भोर से ही अर्घ्य देने के लिए महिलाओं का तांता लगा रहा। भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए ढेबरुआ थानाक्षेत्र के पिकौरा में घोरही नदी,डीडी रोड पर मुंहचुरुवा घाट,दुधवनिया बुजुर्ग में, शोहरतगढ़ थानाक्षेत्र के बानगंगा नदी, पड़रिया व कोटिया में पोखरे पर और कठेला समय माता थानाक्षेत्र में सोनबरसा, बहुती कुटी, बसहिया, नौडिहवा व कोटिया दीगर में बने छठ घाट पर आस्था का समंदर उमड़ पड़ा। शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा अपनी पत्नी बबिता वर्मा के साथ भोर में ही बढ़नी ब्लाॅक के पिकौरा में घोरही नदी के किनारे बने छठ घाट पर गए और वहां उन्होंने पहले उदयीमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद सभी व्रती महिलाओं का आशीर्वाद प्राप्त किया।
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बादल के कारण नहीं हुए सूर्यदेव के दर्शन
पिकौरा में आकाश में बादल होने के कारण महिलाओं को सूर्यदेव का दर्शन नहीं हुआ। छह बजकर छह मिनट पर सूर्योदय था, लेकिन सूर्य के दिखाई न देने के कारण महिलाओं ने लगभग 50 मिनट की देरी से सात बजे अर्घ्य देने का क्रम शुरू हो गया। इसके बाद महिलाओं ने विधि-विधान से व्रत का पारण किया।
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सेल्फी का चला दौर
पूजा करने पहुंचीं महिलाओं और युवतियों ने इस पल को यादगार बनाने के लिए तस्वीरें खिंचवाई। पिकौरा में विधायक विनय वर्मा व उनकी पत्नी बबिता वर्मा के साथ फोटो खिंचवाने के लिए युवाओं व युवतियों में होड़ लगी रही। इसके साथ महिलाएं व युवतियां सेल्फी लेती नजर आईं तो कुछ महिलाओं ने समूह के साथ सेल्फी ली। देर शाम से ही सोशल मीडिया पर फोटो व वीडियो पोस्ट होने लगे। कई महिलाओं ने अपने परिजनों को घाट और पूजा के पूरे दृश्य को वीडियो कॉल के जरिए दिखाया। जाह्नवी, अंजुली, अंशिका, जिया, सलोनी ने कहा कि छठ माता सब की मुराद को पूरी करती हैं। इस बार व्रत का उल्लास पिछले वर्ष से अधिक था।
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अर्घ्य देकर की मंगलकामना
धेंसा। आस्था व संस्कृति का महापर्व छठ पूजा का आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में भी पूरी श्रद्धा व भक्ति भाव हुआ। क्षेत्र के सिरवंत, करौंदा नानकार, मनोहरी पलिया टेकधर धेंसा आदि गांवों में भोर से ही पोखरे में निर्मित पवित्र घाट पर पूरी श्रद्धा भक्ति के उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर अपने पुत्र और परिवार के लिए मंगलकामना की। सिरवत स्थित श्रीराम जानकी मंदिर के पोखरे में उत्साह पूर्वक भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालुओं ने निकलते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर छठी मइया की पूजा की। पलिया निधि गांव में भी उत्साह पूर्वक छठी मइया की पूजा की गई और सुबह भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर माताओं और बहनों ने पुत्र व परिवार के समृद्धि की कामना की।
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रिमझिम बारिश के बीच सूर्य को अर्घ्य दिया
बिस्कोहर। नगर पंचायत बिस्कोहर में छठ को लेकर अलग उत्साह देखने को मिला। मौसमी सब्जियों व फलों से भरे सूप सिर पर उठाए परिजनों के साथ महिलाएं नगर के शिव चरण पोखरे पर पहुंची। पानी में खड़े होकर रिमझिम बारिश के बीच उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ व्रत को संपन्न किया। मंगलवार की भोर में नगर के शिव चरण पोखरे पर आस्था, विश्वास व परंपरा की त्रिवेणी बह उठी। व्रती महिलाओं ने उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर 36 घंटे के निर्जला व्रत का पारण किया। भोर से ही लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। इस अवसर मंजू रानी जयसवाल, प्रिया कौशल, सावित्री कसौधन, मंशा गुप्ता, रीता कसौधन, मंजू मौर्य आदि नगर की महिलाएं मौजूद रहीं।
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गाजे-बाजे के साथ पहुंची महिलाएं, दिया अर्घ्य
पकड़ी बाजार। क्षेत्र के बने छठ घाटों पर मंगलवार को गांजे बाजे के साथ पहुंच कर वर्ती महिलाएं उगते हुए सूर्य देव को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया। क्षेत्र में बने छठ घाट पकड़ी, बुढ़नइया पोखरा, पुरानी बानगंगा नदी, भेड़िहवा, बानगंगा नदी जम्हिरिया घाट, बानगंगा नदी बैदौली घाट, सिरसिया राजा के टोला खिरकिया छठ घाट, बानगंगा नदी लमुईया, मस्जिदिया पिपरी घाट, संतोरा, मेहनौली, धनगढि़या, रेहरवा पर वर्ती महिलाएं भोर में ही पहुंच गई। विधि-विधान से छठी मइया की पूजा-अर्चना की। सूर्य की पहली किरण को अर्घ्य देकर अपने व्रत का समापन किया। इस दौरान पुरा छठ घाट सूर्य देवता और छठी मइया के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
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भक्ति से सराबोर हुए पोखरे-जलाशय
घोसियारी। छठ महापर्व पर मंगलवार की सुबह क्षेत्र अंतर्गत सथवा गांव स्थित मुड़कटवा बाबा स्थान के बगल बूढ़ा नदी के घाट, रिउना महादेव नाथ पोखरा, बेलौहा स्थित लोकेश्वर नाथ मंदिर, असनहरा, असनार खास, तिलौली, नासिरगंज, ककरहिया, मदरहना आदि तमाम गांव स्थित बड़े जलाशय और पोखरे आस्था और भक्ति से सराबोर हो उठे। रंग-बिरंगे वस्त्रों में सजी व्रती महिलाएं उगते सूर्य को अर्घ्य देने अपने गांव और गांव के करीब बड़े पोखरों तक भोर में ही पहुंच गईं। घाट किनारे गूंजते छठ गीतों और जल में प्रतिबिंबित होते दीपों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। हर ओर श्रद्धा, अनुशासन और आस्था का अद्भुत संगम नजर आया। ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर एक के बाद एक करके कई गीत का दौर अर्घ्य देने के पूर्व तक चलता रहा।
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छाई बदली, समय के अनुसार दिया अर्घ्य
उसका बाजार। सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजा के अवसर पर मंगलवार को कस्बा के कूड़ा नदी के विभिन्न छठ घाटों पर व्रती महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। बादल छाए होने के कारण सूर्य नहीं निकला, लेकिन व्रती महिलाओं ने समयानुसार अर्घ्य देकर चार दिन से चलने वाले व्रत पूरा किया। छठ महिलाओं द्वारा धारण किये जाने वाला कठोर व्रत है। उसका कस्बा सहित समूचे क्षेत्र में इस त्योहार को लेकर काफी उत्साह रहा। कस्बा के रेहरा बाजार छठ घाट पर सुबह सांसद जगदंबिका पाल, भाजपा जिला अध्यक्ष कन्हैया पासवान पहुंचकर छठ माता का आशीर्वाद लिया। ईओ अभिनव श्रीवास्तव छठ घाटों पर नागरिक सुविधाओं का जायजा लेते रहे। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष मंजू जायसवाल, प्रतिनिधि हेमंत जायसवाल, एसओ हरेकृष्ण उपाध्याय, समाजसेवी मयंक पांडेय, सभासद सूरज मोदनवाल, कल्लू पासवान आदि मौजूद रहे।
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पथरा। चार दिनों तक चलने वाले छठ महापर्व का मंगलवार को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर व्रती महिलाओं ने संतान की लंबी उम्र सुख समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। पथरा कस्बे से सटे सरयू नहर के घाट पर मंगलवार की भोर चार बजे से ही हजारों की संख्या में व्रती महिलाएं परिवार के साथ घाट पर पहुंचीं और पानी में खड़े होकर पूजा-अर्चना करने में जुट गई। सुबह होते ही सूर्य देव को अर्घ्य देकर व्रत को समाप्त किया। इस दौरान अनेक भक्तों ने स्टाॅल लगाकर लोगों में हलवा-पुरी केला बांटा पूजा समाप्ति पर लगे मेले का लुत्फ भी लोगों ने उठाया। इस दौरान थानाध्यक्ष अमित कुमार पुलिस बल के साथ लोगों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगे रहे।
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बगैर सूर्य देव के दर्शन के ही पूरा करना पड़ा व्रत
चार दिनों से चलने वाले आस्था का महापर्व पर मंगलवार की भोर में ही व्रती महिलाएं पानी में खड़े होकर सूर्य देव के उगने के इंतजार में खड़ी रही पर खराब मौसम के चलते सूर्य देव नहीं दिखाई दिए, जिसके बाद लोगों ने काफी इंतजार के बाद मायूस मन से अर्घ्य देकर व्रत समाप्त किया।