मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग में बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी देते डॉ. एसएन पटेल।
सिद्धार्थनगर। मौसम के बदलते रुख से बच्चों की परेशानी बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज के साथ ही सीएचसी और पीएचसी पर बड़ी संख्या में बच्चे इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं। इसमें कई ऐसे बच्चे भी हैं, जिन्हें तेज बुखार के साथ झटका आने की भी समस्या है।
वहीं कुछ बच्चाें में हाई ग्रेड फीवर के साथ उल्टी की शिकायत है। चिकित्सक खुद दवा देने के बजाए डॉक्टर को दिखाकर इलाज कराने की सलाह दे रहे हैं। सिर्फ मेडिकल कॉलेज में ही छह दिन में 90 से अधिक बच्चों का इलाज हुआ है।
डॉक्टरों का कहना है कि बुखार अगर दो दिन से अधिक हुआ तो सिर पर चढ़ जा रहा है, जिससे झटका आने के साथ ही उल्टी भी शुरु हो जा रही है। पल भर में गंभीर स्थिति में पहुंच जा रहे हैं।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से लेकर सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक इस प्रकार की पीड़ा से ग्रसित बच्चे पहुंच रहे हैं। मेडिकल कॉलेज पीआईसीयू में बेड खाली होते ही दूसरा बच्चा एडमिट होने के लिए आ जा रहा है। इसमें बुखार के दौरान झटका आने के मामले भी हैं।
हालांकि, राहत की बात यह है कि जेई, एईएस की आशंका को देखते हुए जिले में हाई ग्रेड फीवर के साथ झटका आने वाले 1700 मरीजाें की जांच में 1500 की रिपोर्ट आ चुकी है। सभी निगेटिव है। शरीर तपने वाले बुखार और झटका आने के पीछे डॉक्टर मौसम का अनुकूल न होना बता रहे हैं।
ओपीडी के साथ वार्ड में भी बढ़े बुखार से पीड़ित बच्चे: बच्चों के बीमार पड़ने और तेज बुखार के साथ झटका आने के मामले बढ़ने के कारण और अस्पताल के हालात देखने के लिए माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग में संचालित बाल रोग विभाग में पहुंचे। यहां दोपहर 12:30 बजे तक 113 मरीज देखे जा चुके थे। इसमें तेज बुखार के साथ झटका आने और कई बच्चों काे बुखार के साथ उल्टी आने की भी शिकायत थी। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नम्रता राव ने बताया कि बच्चे अधिक बीमार हो रहे हैं। इसमें तेज बुखार से झटका आ रहा है। कई बच्चों को उल्टी दस्त हो रहा है। दो डॉक्टरों की ओपीडी में प्रतिदिन 250 से अधिक बच्चे पहुंच रहे हैं। भनवापुर प्रतिनिधि के अनुसार, ब्लाॅक क्षेत्र के सीएचसी सिरसिया में पिछले 10 दिनों में 110 बच्चे और किशोर बुखार से पीड़ित इलाज कराने पहुंचे हैं। इनमें 10 ऐसे बच्चे भी हैं, जिन्हें हाईग्रेड बुखार था। सोमवार को सीएचसी में मौजूद डॉ. सिद्धार्थ जायसवाल ने बताया कि 16 अगस्त से आज तक सीएचसी में एक से 14 साल तक के कुल 110 बच्चे बुखार से पीड़ित आए थे, जिनमें 10 बच्चे हाईग्रेड फीवर से पीड़ित थे।