डुमरियागंज। बिजली उप खंड कार्यालय बैदोलागढ़ (डुमरियागंज) में दो साल पहले हुए बिजली बिल गबन घोटाले में विभागीय और पुलिस जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है। पुलिस विभाग की मानें तो जांच प्रकिया लगभग पूरी हो चुकी और चार्जशीट न्यायालय में जल्द ही दाखिल की जाएगी।
जांच में मिले साक्ष्यों के मुताबिक टेक्नीशियन मनोज ने प्रत्यक्ष रूप से गबन का लाभ लिया है। ऐसे में उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई के साथ उसकी चल-अचल संपत्ति को कुर्क करने की कार्रवाई होनी तय है।
जानकारी के अनुसार, बिजली उपखंड कार्यालय बैदोलागढ़ (डुमरियागंज) में वर्ष 2022-2023 में हुए बिजली बिल संग्रह घोटाले के मामले में मुख्य आरोपी टेक्नीशियन मनोज कुमार सहित तत्कालीन अधिशासी अभियंता सहित अन्य कई कर्मचारी निलंबित किए जा चुके हैं। उन्हें वाराणसी बिजली निगम कार्यालय में संबद्ध कर दिया गया था।
विभागीय जांच दो सदस्यीय टीम कर रही है। पूरे प्रकरण पर एमडी कार्यालय से नजर रखी जा रही है।
वहीं, इस मामले में पुलिस की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। जांच अधिकारी की मानें तो गबन के मुख्य आरोपी टेक्नीशियन मनोज कुमार की ओर से प्रत्यक्ष रूप से और गबन की धनराशि का लाभ लेने के साक्ष्य और प्रमाण पुलिस को मिले हैं।
इसके आधार पर आरोपी मनोज कुमार के खिलाफ वारंट के बाद गबन की धनराशि वसूल करने के लिए कुर्की और नोटिस चस्पा की कार्रवाई की जाएगी।