- आय, जाति और निवास प्रमाणपत्रों समेत कई जरूरी काम प्रभावित, 17 अक्तूबर से संपूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी
सिद्धार्थनगर। लेखपाल संघ के आंदोलन के चलते जिले की पांचों तहसीलों में ऑनलाइन कामकाज प्रभावित हो रहा है। आय, जाति, निवास और ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्रों के लिए लेखपालों की रिपोर्ट नहीं लगने से लोगों के आवेदन लंबित हैं। लोग जरूरी काम के लिए तहसीलों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। वहीं, लेखपाल संघ ने मांगें पूरी नहीं होने पर 17 अक्तूबर से संपूर्ण कार्य बहिष्कार और 24 अक्तूबर से जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है।
लेखपाल संघ आठ सूत्री मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन कर रहा है। इसके तहत जिले की नौगढ़, शोहरतगढ़, इटवा, बांसी और डुमरियागंज तहसीलों में लेखपाल 17 अक्तूबर तक ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार कर रहे हैं। इस दौरान ऑफलाइन काम किए जा रहे हैं, लेकिन ऑनलाइन रिपोर्ट नहीं लगने से आय, जाति, निवास और ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्रों के साथ फैमिली आईडी, वरासत, नाम संशोधन, अंश संशोधन, अंश निर्धारण और धारा 116 के तहत बंटवारे से संबंधित काम प्रभावित हो रहे हैं।
लेखपाल संघ वेतन विसंगति दूर कर 2800 ग्रेड पे देने, अंतरमंडलीय तबादले, पदोन्नति, भत्तों में बढ़ोतरी और ग्राम सचिवालयों में सुविधाएं बढ़ाने समेत आठ सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रहा है। आंदोलन के तहत 10 अक्तूबर को लेखपाल काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। 14 अक्तूबर को बाइक रैली निकाली जाएगी। 17 अक्तूबर से संपूर्ण कार्य बहिष्कार होगा। इसके बाद 17 से 23 अक्तूबर तक तहसील मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। मांगें पूरी नहीं होने पर 24 अक्तूबर से जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
आंदोलन के तहत लेखपाल तहसील प्रशासन के व्हाट्सएप ग्रुप से भी बाहर हो गए हैं। इससे राजस्व संबंधी कामकाज के समन्वय पर असर पड़ रहा है। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर आंदोलन चलाया जा रहा है। मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रमाणपत्रों की रिपोर्ट नहीं लगने से बढ़ी परेशानी
बर्डपुर। लेखपालों के ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार से नौगढ़ तहसील क्षेत्र में भी लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आय, जाति और निवास प्रमाणपत्रों के लिए जरूरी रिपोर्ट नहीं लगने से कई आवेदन लंबित हैं। इससे विद्यार्थियों को प्रवेश और छात्रवृत्ति संबंधी कार्यों के साथ ही आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कत हो रही है।
क्षेत्र के राजनरायण पटेल, अनिल गुप्ता, विनय कुमार, राजू जायसवाल और सोनू कुमार का कहना है कि लेखपालों के ऑनलाइन काम नहीं करने से जरूरी प्रमाणपत्रों की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। इससे लोगों को बार-बार तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उनका कहना है कि प्रमाणपत्रों में देरी के कारण कई जरूरी काम अटके हुए हैं। ऐसे में प्रशासन को समस्या के समाधान के लिए पहल करनी चाहिए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।