सिद्धार्थनगर। नेपाल के कसीनो में सुविधा के नाम पर शुरू हुई ऑनलाइन पेमेंट व्यवस्था अब हवाला और संगठित अपराध को बढ़ावा दे रहा है। कसीनो में होने वाले खेल में ब्लैक मनी को व्हाइट में बदलकर मादक पदार्थ और चांदी की तस्करी सहित अन्य गतिविधियों में खपाया जा रहा है। सूत्राें के मुताबिक भैरहवा, चांदरौटा, तौलिहवा समेत नेपाल के 30 से अधिक कसीनो में नकदी ले जाने की आवश्यकता नहीं है। कसीनो जाने वाले भारतीय ऑनलाइन भुगतान करते हैं और फिर गेम खेलते हैं। जीत-हार के बाद रकम को दोबारा भारतीय रुपये में कैश कराकर हवाला के जरिए इधर-उधर किया जाता है। यही व्यवस्था अब अवैध धन के बड़े नेटवर्क को संचालित करने का आसान जरिया बन चुकी है।
कसीनो में जुआ या अन्य गेम खेलने के लिए भारत से बड़ी संख्या में लोग जाते हैं। कसीनो में प्रवेश करते ही इनको काउंटर या एजेंट के जरिए ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करना पड़ता है। भारत के बैंक खाते, यूपीआई और डिजिटल वॉलेट से रकम नेपाल में स्थित कसीनो से जुड़े खातों में पहुंचती है। इसके बाद वही रकम ‘क्रेडिट’ के रूप में गेमिंग टेबल पर चलती है। खेल खत्म होते ही यह पैसा या तो नेपाली करेंसी में दिया जाता है या फिर एजेंट के जरिए भारतीय रुपये में कैश करा दिया जाता है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक यहीं से हवाला की असली एंट्री होती है। इसमें जीत की लालच में 80 प्रतिशत युवा बर्बाद हो रहे हैं, जबकि 20 प्रतिशत जो संगठित गिरोह को संचालित करने का काम कर रहे हैं। प्रतिदिन करोड़ों का कारोबार हो रहा है। वहीं, जानकारों का कहना है कि नेपाल में ऑनलाइन भुगतान शुरू होने से भारत से वहां घूमने जाने वाले लोगों को बहुत फायदा है। अगर कहीं फंस गए या फिर कुछ खरीदारी करने में रुपये कम पड़ गए तो परेशान नहीं होना पड़ता है।
कैसे संचालित होता है नेटवर्क : सूत्रों के मुताबिक नेपाल के प्रमुख कसीनो भारतीय सीमावर्ती जिलों से जुड़े एजेंटों के जरिए काम करते हैं। ये एजेंट भारत में जुआ खेलने वालों से सीधे संपर्क करते हैं, उन्हें कसीनो तक पहुंचाते हैं और ऑनलाइन भुगतान की पूरी व्यवस्था समझाते हैं। भुगतान सीधे कसीनो के नाम पर नहीं, बल्कि कई लेयर वाले खातों में कराया जाता है, ताकि ट्रांजैक्शन ट्रेस न हो सके।