सिद्धार्थनगर। धान की कटाई के बाद डंठल जलाने वालों पर कृषि विभाग कार्रवाई करेगा। प्रति एकड़ के हिसाब से जुर्माना तय किया गया है। वहीं डंठल जलाने वाले किसानों को अनुदान से भी वंचित किया जाएगा।
डीडी कृषि राजेश कुमार ने बताया कि फसलों के कटाई उपरांत फसल अवशेष को न जलाएं, फसल अवशेष जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति व मृदा में उपलब्ध कार्बन नष्ट हो जाता है। मृदा में कार्बन की मात्रा औसत से कम होने पर फसलों में उर्वरकों का पूरी तरह से उपभोग नहीं हो पाता है। फसल अवशेष जलाने से वायु प्रदूषण होता है जिससे विभिन्न प्रकार की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बताया कि कृषि भूमि का दो एकड़ से कम फसल अवशेष जलाने पर 5000, कृषि भूमि का दो एकड़ से अधिक पांच एकड़ तक फसल अवशेष जलाने पर अर्थदंड 10 हजार, कृषि भूमि पर पांच एकड़ से अधिक फसल अवशेष जलाने पर अर्थदंड 30 हजार रुपये देने होंगे।
लगातार दो बार अवशेष जलाने की शिकायत पर विभागीय अनुदान से वंचित कर दिया जाएगा। फसलों के कटाई में प्रयोग की जा रही कंबाइन हार्वेस्टर के साथ सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट या स्ट्रा रीपर का प्रयोग अनिवार्य कर दिया गया है। बिना सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट या स्ट्रा रीपर के कंबाइन हार्वेस्टर का प्रयोग करते पाए जाने पर कंबाइन और संचालक पर भी कार्रवाई की जाएगी।