फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: साझा बौद्ध विरासत पर हुआ मंथन

Fri, 30 Jan 2026 11:35 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। भारत और नेपाल के बीच साझा बौद्ध विरासत को वैश्विक कूटनीति, क्षेत्रीय सहयोग और शांति स्थापना के सशक्त माध्यम के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से दो दिवसीय सेमीनार आयोजित किया गया। वैश्विक कूटनीति और क्षेत्रीय सहयोग : बौद्ध विरासत में भारत-नेपाल साझेदारी विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन शुक्रवार को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, मैक्स मुलर मार्ग, नई दिल्ली में किया गया।
विज्ञापन


उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कविता शाह ने कहा कि भारत और नेपाल का संबंध केवल राजनीतिक नहीं बल्कि गहरे सभ्यतागत और आध्यात्मिक मूल्यों पर आधारित है, जिसकी जड़ें भगवान बुद्ध के जीवन और शिक्षाओं में निहित हैं। उन्होंने कहा कि करुणा, अहिंसा और मध्यम मार्ग के सिद्धांत आज के वैश्विक संकटों के समाधान का मार्ग प्रशस्त करते हैं। प्रो. शाह ने विश्वविद्यालयों को अकादमिक कूटनीति का सशक्त माध्यम बताते हुए भारत-नेपाल के बीच शोध, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग को और मजबूत करने पर बल दिया। सेमिनार में लुंबिनी बौद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुबर्ण लाल बज्राचार्य, जामिया मिलिया इस्लामिया के कुलपति प्रो. मजहर आसिफ, काठमांडो विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अच्युत प्रसाद वाग्ले, मिड-वेस्ट यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. डॉ. ध्रुव कुमार गौतम तथा नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सचिन चतुर्वेदी सहित अनेक विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने सहभागिता की।

विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता सुनिश्चयन प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. सौरभ ने कहा कि बौद्ध विरासत पर आधारित अकादमिक सहयोग गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और वैश्विक शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय सेमिनार विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध और वैश्विक संवाद को सुदृढ़ करते हैं। दो दिवसीय सेमिनार के प्रथम दिन विभिन्न सत्रों में बौद्ध विरासत, सांस्कृतिक कूटनीति, क्षेत्रीय सहयोग, शिक्षा, पर्यटन, शांति अध्ययन एवं सतत विकास से जुड़े विषयों पर गहन विमर्श किया गया। यह जानकारी सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु के सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अविनाश प्रताप सिंह ने दी।
विज्ञापन




इन विश्वविद्यालय के कुलपति हुए शामिल

इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन साउथ एशिया फाउंडेशन-नेपाल, लुंबिनी बौद्ध विश्वविद्यालय (नेपाल), सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश तथा मालवीय सेंटर फॉर पीस एंड कंफ्लिक्ट रिसर्च, जामिया मिलिया इस्लामिया के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। नालंदा विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, त्रिभुवन विश्वविद्यालय (नेपाल), काठमांडू विश्वविद्यालय, मिड-वेस्ट यूनिवर्सिटी (नेपाल), एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी, पुणे तथा इंडिया इंटरनेशनल सेंटर सहयोगी संस्थाओं के रूप में सम्मिलित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें