- यूपी बोर्ड की परीक्षा में बेहतर अंक लाने के लिए विद्यालयों में अतिरिक्त क्लास चलाने की तैयारी
- माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित होने वाले विद्यालयों में कोर्स पूरा होने के बाद फिर से कराई जाएगी तैयारी
सिद्धार्थनगर। यूपी बोर्ड परीक्षा में माध्यमिक शिक्षा परिषद से संचालित विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की तैयारी बेहतर होगी। उन्हें बेहतर अंक हासिल हों, इसके लिए अब कक्षा में अतिरिक्त समय देकर तैयारी कराई जाएगी। विद्यालयों में निर्धारित पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद उन्हें परीक्षा के लिए दोबारा तैयार कराया जाएगा।
जनपद में माध्यम शिक्षा परिषद की ओर से 200 से अधिक राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्त विहीन के विद्यालय संचालित हो रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक हर साल जिले से 60 हजार से अधिक विद्यार्थी यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल होते हैं। प्रदेश के टॉपरों में जनपद के बच्चे जगह भी बनाते हैं। परिणाम और बेहतर आ सके, इसके लिए पढ़ाई पर जोर है। कई विद्यालयों में अतिरिक्त क्लास संचालित की जा रही है। अब परीक्षा परिणाम बेहतर करने के लिए विद्यालय स्तर पर विशेष तैयारी की योजना बनाई जा रही है।
कक्षाओं में पढ़ाई के दौरान जिन विद्यार्थियों को किसी विषय या अध्याय को समझने में परेशानी होती है, उनकी पहचान कर अतिरिक्त कक्षा में विशेष अभ्यास कराया जाएगा। विषयवार शिक्षकों की मदद से विद्यार्थियों की कमियों को दूर करने के साथ ही परीक्षा में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्नों का अभ्यास कराया जाएगा। इससे परीक्षा से पहले विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ाने और बेहतर परिणाम हासिल करने में मदद मिलेगी। विद्यालयों में निर्धारित समय के भीतर पाठ्यक्रम पूरा कराने के बाद पढ़ाए गए विषयों की दोबारा तैयारी कराई जाएगी।
इस दौरान अध्यायवार महत्वपूर्ण बिंदुओं को समझाने के साथ विद्यार्थियों से प्रश्न भी हल कराए जाएंगे। जिन विषयों में विद्यार्थियों का प्रदर्शन कमजोर रहेगा, वहां अतिरिक्त समय देकर तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अतिरिक्त कक्षाओं में विद्यार्थियों को केवल किताब पढ़ाने के बजाय परीक्षा के लिहाज से अभ्यास कराया जाएगा। मॉडल पेपर, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र और महत्वपूर्ण सवाल हल कराने की व्यवस्था भी की जाएगी। विद्यार्थियों को उत्तर लिखने का तरीका, समय प्रबंधन और प्रश्नों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की रणनीति भी बताई जाएगी।
इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक अरुण कुमार ने बताया कि विद्यालयों में पढ़ाई पर विशेष जोर दिया जा रहा है। बच्चे परीक्षा में बेहतर कर सकें, इसके लिए अतिरिक्त क्लास और तैयारी पर जोर दिया जा रहा है। इसमें कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।