डुमरियागंज राप्ती नदी के घाट पर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा की दृष्टि से लगवाया बांस के ल
-डुमरियागंज राप्ती नदी के घाट पर रात्रि में पर्याप्त रोशनी की नहीं थी व्यवस्था
शाहपुर। सावन माह में डुमरियागंज राप्ती नदी के घाट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग कर दी गई। साथ ही पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी कर दी गई है। इससे जहां अनहोनी का खतरा कम होगा। वहीं लाइटें लगने से श्रद्धालुओं को सहूलियत मिलेगी।
तट पर रविवार की रात से ही शिवभक्तों का स्नान-ध्यान करके कांवड़ में जल भरने का सिलसिला शुरू हो गया। शिवालयों में भगवान शिव की जलाभिषेक के लिए क्षेत्र से हजारों श्रद्धालुओं सोमवार रात तक पहुंचते रहेंगे। नगर पालिका प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए थे। इसको लेकर अमर उजाला ने सोमवार को ''''राप्ती के घाट पर श्रद्धालुओं के सुरक्षा के लिए नहीं लगा बैरिकेड..., शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसको संज्ञान में लेकर सोमवार को ही राप्ती नदी के घाट पर बांस की बैरिकेडिंग करा दी गई। साथ ही घाट पर रोशनी के लिए लाइटें भी लगाई गईं हैं। लोगों ने अमर उजाला का आभार व्यक्त किया है।
पोखरा काजी निवासी शिवम ने कहा अयोध्या से भद्रेश्वर नाथ जल चढ़ाकर आया हूं। अब डुमरियागंज राप्ती नदी से गंगा जल भरकर कटेश्वर नाथ भगवान शिव का जलाभिषेक करने जा रहा हूं। लोगों की सुरक्षा के दृष्टि से घाट पर बैरिकेड लग गई जो बहुत सराहनीय कार्य है। अमर उजाला का बहुत बहुत आभार।
आकाश ने कहा राप्ती नदी के डुमारियागंज राप्ती नदी के घाट पर सावन माह में रविवार रात से सोमवार तक श्रद्धालुओं का काफी भीड़ रहती है। बगैर बैरिकेड के श्रद्धालु स्नान कर रहे थे। थोड़ी सी चूक श्रद्धालुओं पर भारी पड़ सकती थी। अब वे सुरक्षित रहेंगे।
इस संबंध में ईओ सचिन कुमार पटेल ने बताया कि राप्ती नदी के घाट पर बांस की लकड़ी से बैरिकेडिंग करा दी गई है। घाट पर जो लाइटें खराब थी, उन्हें भी बनवा दिया गया है।