- बच्चों को खेलने के साथ, सिखाई जाएगी अन्य गतिविधियां
- जिले में 101 परिषदीय विद्यालयों को किया गया विलय, 66 में आज से शुरू होगा विलय का कार्य
सिद्धार्थनगर। जिले में विलय के बाद जिन स्कूलों के भवन खाली हुए हैं, उनमें बाल वाटिका का संचालन शुक्रवार से शुरू किया जाएगा। इसकी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिले के 101 में से आज से 66 विद्यालयों में बाल वाटिका शुरू किया जाएगा। खाली भवनों में पांच से छह साल के बच्चों के लिए शुरू होने वाली बाल वाटिकाओं के संचालन में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग का भी सहयोग लिया जा रहा है।
जिले में रिक्त हुए विद्यालयों में बाल वाटिका चलाई जाएंगी। खाली भवनों में साफ-सफाई, रंग-रोगन व मरम्मत के बाद आंगनबाड़ी केंद्रों को शिफ्ट किया जाएगा। बच्चों के लिए आवश्यक खेलकूद सामग्री, स्टेशनरी, पेंसिल, कलर, फोम वाली दरी आदि भी कंपोजिट ग्रांट से खरीदी जाएगी। शासन के निर्देश पर प्रथम चरण में 15 अगस्त 2025 से चिह्नित इन स्कूलों में बाल वाटिका कक्ष शुरू किए जाएंगे, जहां बच्चों को एक ही स्थान पर पोषण, शिक्षा और खेल-कूद की सुविधाएं मिलेंगी।
यह पहल आंगनबाड़ी केंद्रों को विद्यालय भवनों में स्थानांतरित कर शुरू की जा रही है, जिससे बच्चों को सुरक्षित और समृद्ध शिक्षण वातावरण मिलेगा। शासन के निर्देश पर जिले में पेयरिंग हुए 101 प्राथमिक विद्यालयों में से 66 के भवन में स्थानांतरित कर बाल वाटिका कक्ष के रूप में संचालित किया जाएगा। इससे बच्चों को एक ही स्थान पर बेहतर पोषण, शैक्षिक माहौल और सुरक्षित वातावरण मिलेगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार के मुताबिक विद्यालय भवन में आवश्यक भौतिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। स्वच्छ एवं सुरक्षित कक्षों में बच्चों के लिए शिक्षण व खेल-कूद की गतिविधियों का संचालन होगा। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इन बाल वाटिका कक्षों का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। इसके लिए संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्य, प्रबंध समिति के सदस्य, अभिभावक, ग्राम प्रधान, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाएंगे। इस अवसर पर बच्चों की प्रस्तुतियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।
वर्जन
शासन के निर्देश पर 15 अगस्त से 66 विद्यालयों में बाल वाटिका का संचालन शुरू किया जाएगा। इससे उन्हें विद्यालयीय माहौल में सहजता से प्रवेश दिलाएगा। इस संबंध में सभी बीईओ को निर्देश दिए गए हैं।
- शैलेश कुमार, बीएसए