भनवापुर। स्थानीय ब्लाॅक क्षेत्र के गागापुश्र गांव में चल रही सात दिवसीय रामलीला के दूसरे दिन शनिवार की रात कलाकारों ने श्रवण कुमार के लीला का सजीव मंचन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान विष्णु की आरती से हुआ।
कलाकारों ने दिखाया रामलीला मंच पर श्रवण कुमार माता-पिता को लेकर चारों धाम की यात्रा पर निकलते हैं। श्रवण कुमार अयोध्या में सरयू नदी के समीप उन्हें बैठाकर उनके लिए पानी लेने चल पड़ते हैं। जंगल में राजा दशरथ शिकार के लिए आते हैं। हिंसक पशु समझ कर राजा तीर चला देते हैं। तीर लगने से श्रवण की चीख निकल जाती है। इससे घबरा कर दशरथ श्रवण के पास पहुंचते हैं।
राजा के पूरी घटना बताने पर श्रवण के माता-पिता राजा दशरथ को शाप देते हैं कि जैसे वह पुत्र के वियोग में तड़प-तड़प कर मर रहे हैं, वैसे ही वह भी पुत्र के वियोग में मरेंगे।