बांसी कस्बा स्थित आजाद चौक के बगल कारखाने में मूर्ति को अंतिम रूप देते मूर्तिकार राज कुमार उर्फ
ढेबरुआ। आस्था और श्रद्धा का महापर्व शारदीय नवरात्र 22 सितंबर से प्रारंभ हो रहा है। नगर से लेकर गांव तक नवरात्र की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। कारीगर मां दुर्गा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। प्रतिमा निर्माण स्थलों पर दिन-रात मेहनत कर रहे कारीगर अब मूर्तियों को आकर्षक रूप दे रहे हैं।
महिषासुर मर्दिनी स्वरूप में मां दुर्गा की प्रतिमाओं पर रंग-रोगन और श्रृंगार का कार्य तेजी से किया जा रहा है। कलाकारों का कहना है कि इस बार प्रतिमाओं में नए डिजाइन और भव्य रंगों का विशेष ध्यान रखा गया। दुर्गा मूर्ति बनाने वाले कलाकार खादिम पाल प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
बताते हैं कि दुर्गा प्रतिमा निर्माण के लिए वह यहां चार माह पहले ही आ गए हैं। वह लगभग एक दर्जन सहयोगी कारीगर को भी साथ लेकर आए हैं। बताया कि दुर्गा प्रतिमा बनाने के लिए मिट्टी, कपड़े व तमाम सजावटी सामानों का इंतजाम किया गया है। कारीगर दिन रात मेहनत कर मूर्तियों का निर्माण करते हैं। कई कलाकार रात दो बजे तक जागकर मूर्ति को अंतिम रूप देने में लगे रहते हैं। दुर्गा पूजा समारोह शुरू होने के दो दिन पहले काफी मेहनत कर उसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। पूजा समारोह के प्रथम दिन से आयोजक मूर्ति यहां से ले जाकर पूजन पंडालों में रखना शुरू कर देंगे। 22 सितंबर से शुरू होने वाला नवरात्र नौ दिनों तक चलेगा।