- गोनहाताल पूर्वी में 25 वर्षों से निभाई जा रही परंपरा, 21 फीट लंबा अग्निकुंड तैयार करेंगे आयोजक
- अग्नियात्रा के बाद आरती, हवन और भंडारे का होगा आयोजन
सकरपार। शारदीय नवरात्र की नवमी पर सोमवार को बांसी-धानी मार्ग स्थित गोनहाताल पूर्वी में श्री बाल कृष्ण मित्र मंडली की ओर से अग्नियात्रा का आयोजन किया जाएगा। इसकी तैयारियों को अंतिम रूप देने में मंडली के सदस्य जुटे हुए हैं। अग्नियात्रा देखने के लिए क्षेत्र के साथ ही दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। मंडली की ओर से पिछले 25 वर्षों से इस परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है।
गोनहाताल चौराहे के कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में मां शीतला की प्रतिमा स्थापित कर नौ दिवसीय पूजा-अर्चना की जा रही है। नवरात्र के नौ दिनों तक मंडली के सदस्य विधि-विधान से मां की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं। नवमी के दिन अग्नियात्रा का आयोजन किया जाता है।
मंडली के मुख्य पुजारी एवं आयोजक राकेश चौरसिया ने बताया कि अग्नियात्रा के लिए मां शीतला की प्रतिमा के सामने करीब एक फीट गहरा और 21 फीट लंबा गड्ढा तैयार किया जाएगा। इसमें लकड़ियां जलाकर अग्निकुंड बनाया जाएगा। इसके बाद मंडली के भक्त धधकती आग से होकर अग्नियात्रा पूरी करेंगे और मां शीतला के दर्शन करेंगे। अग्नियात्रा पूरी होने के बाद श्रद्धालु अपना व्रत खोलेंगे। इसके बाद आरती, हवन और भंडारे का आयोजन कर प्रसाद वितरित किया जाएगा।