खुनुवां (सिद्धार्थनगर)। नेपाल भारत के बिजली बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी में है। नेपाल विद्युत प्राधिकरण की सहायक कंपनी नेपाल पावर ट्रेडिंग कंपनी (एनपीटीसी) ने भारत में 85.6 मेगावाट बिजली बेचने की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है।
भारतीय बाजार में बिक्री शुरू करने के लिए एनपीटीसी को केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) की अनुमति लेनी होगी। बिजली की बिक्री भारतीय पावर एक्सचेंज के माध्यम से टाटा पावर ट्रेडिंग कंपनी लिमिटेड के व्यापारिक सहयोग से करने की योजना है।
नेपाल विद्युत प्राधिकरण के कार्यकारी निदेशक दीर्घायु कुमार श्रेष्ठ के अनुसार, फिलहाल एक नवंबर 2026 से 31 मई 2029 तक 85.6 मेगावाट बिजली बेचने की योजना है। भविष्य में दोनों पक्षों की सहमति से बिक्री क्षमता बढ़ाई जा सकती है।
बिजली खरीद-बिक्री समझौते के मसौदे को लेकर प्राधिकरण के संचालक मंडल की 10 जुलाई को बैठक हुई थी। इसमें विद्युत नियमन आयोग से परामर्श के बाद प्रस्ताव दोबारा पेश करने का निर्णय लिया गया। आयोग ने 18 अगस्त को बैठक कर समझौते पर सहमति दी, जिसकी जानकारी प्राधिकरण को 24 अगस्त को मिली।
इसके बाद 19 सितंबर को प्राधिकरण के संचालक मंडल ने भारत में बिजली बिक्री का निर्णय लेते हुए खरीद-बिक्री समझौते के मसौदे को मंजूरी दे दी। अब एनपीटीसी को भारतीय बाजार में बिजली बिक्री शुरू करने के लिए सीईए की अनुमति का इंतजार है।
नेपाल विद्युत प्राधिकरण को भारत और बांग्लादेश के बाजारों में करीब 1200 मेगावाट बिजली बिक्री की अनुमति पहले ही मिल चुकी है। अब प्राधिकरण अपनी सहायक कंपनी के माध्यम से भारतीय बिजली बाजार में कारोबार का विस्तार करने की तैयारी में है। टाटा पावर ट्रेडिंग को व्यापारिक साझेदार बनाकर भारतीय पावर एक्सचेंज के जरिए बिजली बेचने की योजना है।।